Latent View Analytics के लिए नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कंपनी के नतीजे कमजोर रहने के बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने इसके टारगेट प्राइस को ₹350 से घटाकर ₹320 कर दिया है। कंपनी के रेवेन्यू में **3.5%** की गिरावट आई और मार्जिन भी प्रभावित हुआ, जिसकी वजहें वेतन संशोधन और प्रोजेक्ट आधारित रेवेन्यू की अस्थिरता बताई जा रही हैं।
क्यों गिरी Latent View Analytics की रेटिंग?
डेटा और एनालिटिक्स सर्विस देने वाली कंपनी Latent View Analytics के हालिया तिमाही नतीजों (Q1FY27) ने बाजार को निराश किया है। इसके चलते ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक का टारगेट प्राइस ₹350 से घटाकर ₹320 कर दिया है। कंपनी के लिए इस फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में ही कई चुनौतियाँ सामने आई हैं।
रेवेन्यू और मार्जिन पर दबाव
तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) कंपनी के USD रेवेन्यू में 3.5% की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार की उम्मीद से काफी कम है। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी गिरकर 20.4% पर आ गया, जबकि एनालिस्ट्स 22.2% की उम्मीद कर रहे थे। इस मार्जिन गिरावट की दो मुख्य वजहें सामने आई हैं: पहला, 70% कर्मचारियों के लिए किया गया वेतन संशोधन और दूसरा, ऑपरेटिंग लेवरेज की कमी, यानी जब रेवेन्यू ग्रोथ फिक्स्ड कॉस्ट के मुकाबले धीमी हो जाती है।
इसके अलावा, कुछ खास बिजनेस एरिया पर भी असर पड़ा। $400,000 के वॉल्यूम डिस्काउंट और एक बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से Decision Point CPG बिजनेस को लगभग $875,000 का नुकसान हुआ। येThe impact shows the volatility in project-based analytics compared to subscription-based models.
आगे का अनुमान और एस्टीमेट्स
इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी मैनेजमेंट का अपने FY27 के लिए 12-13% के USD रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान पर भरोसा कायम है। इसे हासिल करने के लिए कंपनी को बाकी साल हर तिमाही में लगभग 7-7.5% की ग्रोथ दिखानी होगी। हालांकि, Prabhudas Lilladher के एनालिस्ट्स इस टारगेट को लेकर थोड़े आशंकित हैं। उनका कहना है कि Hi-Tech वर्टिकल में जारी अस्थिरता एक बड़ी चिंता है, जो कंपनी का एक अहम सेगमेंट है। इसी को ध्यान में रखते हुए, FY27 और FY28 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ एस्टीमेट्स को घटाया गया है। साथ ही, प्रॉफिट मार्जिन का अनुमान भी घटाकर क्रमशः 21.5% और 22.1% कर दिया गया है। इसमें सीनियर लीडरशिप हायरिंग और AI क्षमताओं में निवेश का खर्च भी शामिल है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने रेवेन्यू ग्रोथ को स्थिर कर पाती है या नहीं। कंपनी AI निवेश और लीडरशिप में बदलाव से लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाने पर दांव लगा रही है, लेकिन तत्काल चुनौती लागतों को कंट्रोल करते हुए नए प्रोजेक्ट्स जीतना है। यह देखना अहम होगा कि Hi-Tech वर्टिकल में रिकवरी दिखती है या अस्थिरता जारी रहती है, जिससे कंपनी अपने सालाना टारगेट को हासिल कर सकेगी। निवेशकों को यह भी देखना होगा कि हालिया वेतन संशोधन भविष्य में मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं।
