Prabhudas Lilladher ने Latent View Analytics पर अपनी 'Buy' रेटिंग को तो बरकरार रखा है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस **₹320** से घटाकर **₹270** कर दिया है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी की ग्रोथ में सुधार के बावजूद, टेक्नोलॉजी सेक्टर में क्लाइंट्स द्वारा बजट कटौती चिंता का विषय बनी हुई है।
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Latent View Analytics के शेयरों पर अपने आउटलुक में बदलाव किया है। कंपनी के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों को देखते हुए टारगेट प्राइस को कम किया गया है।
रेवेन्यू और मार्जिन का हाल
दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,941 मिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 14.2% की ग्रोथ दर्शाता है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 20.7% पर रहा है, जो बेहतर ऑपरेशनल मैनेजमेंट को दर्शाता है। हालांकि, रिकवरी के संकेत मिलने के बावजूद ब्रोकरेज ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सेक्टर में असंतुलन की चुनौती
कंपनी के मुख्य बिजनेस वर्टिकल के बीच प्रदर्शन का अंतर निवेशकों के लिए अहम है। इंडस्ट्रियल सेक्टर में 21.4% की तिमाही-दर-तिमाही तेजी देखी गई है, जिसका बड़ा श्रेय ऑटोमोटिव क्लाइंट्स को जाता है। लेकिन कंपनी के कुल रेवेन्यू का 55% हिस्सा रखने वाले टेक्नोलॉजी वर्टिकल में 0.3% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। बड़े टेक्नोलॉजी क्लाइंट्स अभी भी अपने खर्चों पर लगाम लगाए हुए हैं, जिसका असर कंपनी पर पड़ रहा है।
भविष्य के लिए क्या है रिस्क?
मुख्य रिस्क टेक्नोलॉजी बिजनेस के रिन्यूअल साइकिल में अनिश्चितता है। हालांकि कंपनी Artificial Intelligence और Databricks जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही है, लेकिन ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक माहौल डील कन्वर्जन की रफ्तार तय करेगा। राहत की बात यह है कि कंपनी के पास मजबूत कैश बैलेंस है, जो उसके मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग 30% है। यह निवेश के लिए एक सुरक्षा कवच (Defensive Buffer) का काम करता है।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी टेक्नोलॉजी सेगमेंट में कब तक रिकवरी करती है और क्या मैनेजमेंट अपने 21% से 22% के मार्जिन लक्ष्य को बनाए रख पाता है या नहीं।
