Larsen & Toubro का ऑर्डर बुक रिकॉर्ड ₹7.79 ट्रिलियन पार, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मिली बड़ी बढ़त

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AuthorAditya Rao|Published at:
Larsen & Toubro का ऑर्डर बुक रिकॉर्ड ₹7.79 ट्रिलियन पार, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स से मिली बड़ी बढ़त

Larsen & Toubro (L&T) के लिए खुशखबरी है! कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक रिकॉर्ड ₹7.79 ट्रिलियन पर पहुंच गया है। विदेशी प्रोजेक्ट्स में मिली बड़ी सफलता इस ग्रोथ की वजह है। हालांकि, सप्लाई चेन में देरी और बढ़ते खर्चों के चलते कंपनी को थोड़े मार्जिन प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है।

रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, विदेशी प्रोजेक्ट्स की धूम!

Larsen & Toubro (L&T) इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक अब ₹7.79 ट्रिलियन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 27% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। यह दिखाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, कंपनी बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने में कामयाब रही है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान कंपनी के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का है, जो अब कुल ऑर्डर बुक का लगभग 52% हिस्सा हैं।

मार्जिन पर दबाव का असर

ऑर्डर्स में शानदार ग्रोथ के बावजूद, L&T को अपने प्रॉफिट मार्जिन को लेकर कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, EBITDA मार्जिन में 90 बेसिस पॉइंट की कमी आई है, जो अब 9.0% पर है। यह दबाव मुख्य रूप से 'प्रोजेक्ट्स, प्रोडक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग' सेगमेंट में देखा जा रहा है, जहां उम्मीद से धीमी गति से काम हो रहा है। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्षों के कारण सप्लाई चेन में आई बाधाओं ने लॉजिस्टिक्स को मुश्किल बना दिया है। इसके अलावा, टेक्नोलॉजी सर्विसेज डिवीजन में बढ़े हुए प्रोविजन्स और फॉरेन एक्सचेंज के उतार-चढ़ाव ने भी कंपनी की ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाला है।

भविष्य की राह और 'लक्ष्य 2031'

कंपनी अपने 'लक्ष्य 2031' (Lakshya 2031) स्ट्रेटेजी पर फोकस कर रही है, जिसमें डिसिप्लिन्ड कैपिटल स्पेंडिंग और यूरोप में बड़े ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स जैसे हाई-वैल्यू वाले अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी ने ऑर्डर इनफ्लो में 14% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹1.08 ट्रिलियन रहा। हालांकि, GCC क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटीज जैसे क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें आईं, वहीं प्रिसिजन इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट जैसे सेगमेंट्स में लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रहा।

आने वाले समय में, कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए 10% से 12% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बरकरार रखा है। निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या साल की दूसरी छमाही में प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में सुधार से मार्जिन को स्थिर करने में मदद मिलती है। कंपनी की अपनी विशाल ऑर्डर बुक को वास्तविक रेवेन्यू में बदलने की क्षमता, साथ ही कच्चे माल की लागत और ग्लोबल सप्लाई चेन के जोखिमों का प्रबंधन, भविष्य की वित्तीय सेहत के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.