LTIMindtree ने दूसरी तिमाही में **1.1%** की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **$1.23 बिलियन** का कारोबार किया है। कंपनी अब AI पर बड़ा दांव लगा रही है और इसका योगदान बढ़कर **13.4%** हो गया है, हालांकि नए ऑर्डर इनफ्लो में थोड़ी नरमी जरूर देखी गई है।
मुनाफे और मार्जिन का गणित
कंपनी ने चुनौतीपूर्ण आईटी माहौल के बावजूद अपनी कार्यक्षमता साबित की है। दूसरी तिमाही में कंपनी का EBIT मार्जिन 10 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 15.6% पर पहुंच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यह बढ़त कंपनी द्वारा सैलरी हाइक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश के बावजूद हासिल की गई है।
नए ऑर्डर्स और चुनौतियां
निवेशकों के लिए इस बार सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि कंपनी के नए ऑर्डर इनफ्लो में गिरावट आई है। पिछली तिमाही के $1.68 बिलियन के मुकाबले इस बार ऑर्डर बुक $1.26 बिलियन रही है। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में डील रैम्प-अप के चलते स्थितियां बेहतर होंगी।
AI का बढ़ता प्रभाव
कंपनी के कुल रेवेन्यू में AI का हिस्सा अब 13.4% हो गया है, जो पिछली तिमाही में 12% था। ट्रेडिशनल आउटसोर्सिंग के मुकाबले AI-आधारित सेवाएं कंपनी को बेहतर मुनाफा (Profitability) दे रही हैं। इसी क्षमता को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म 'आनंद राठी' ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹5,125 का टारगेट तय किया है।
भविष्य की राह
कंपनी के सामने 'Randstad Technology Consulting Services' के अधिग्रहण को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करने की चुनौती है। इसमें प्रोजेक्ट टाइमलाइन्स और कॉस्ट मैनेजमेंट जैसे रिस्क शामिल हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स ने फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के लिए EPS अनुमानों में 5.8% तक की बढ़ोतरी की है। आने वाले समय में कंपनी के लिए मार्जिन की स्थिरता और नए अधिग्रहण का तालमेल ही शेयर की दिशा तय करेगा।
