LTIMindtree ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 1.2 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले तिमाही के मुकाबले 1.2% की ग्रोथ (स्थिर मुद्रा में) दर्शाता है। यह वृद्धि विश्लेषकों के 1.5% के अनुमान से थोड़ी कम रही। वहीं, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (PAT) पिछली तिमाही की तुलना में 4.3% गिरकर ₹13.4 अरब पर आ गया, हालांकि, साल-दर-साल आधार पर इसमें 18.8% की बढ़ोतरी देखी गई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, LTIMindtree ने भारतीय रुपये में 11.3% रेवेन्यू ग्रोथ, 18.2% EBIT ग्रोथ और 16.9% एडजस्टेड PAT ग्रोथ हासिल की। लेकिन, चिंता की बात यह है कि FY26 के लिए कंपनी का RoE घटकर 21.3% रह गया, जो FY25 में 23.3% था। यह दक्षता (efficiency) में संभावित चुनौतियों की ओर इशारा करता है।
इन नतीजों के बाद, 24 अप्रैल, 2026 को शेयर बाजार में LTIMindtree के स्टॉक में भारी गिरावट देखी गई। अनुमानों से पीछे रहने और प्रमुख सेगमेंट्स में कमजोरी के कारण शेयर में 6% तक की बड़ी सेंध लगी।
विश्लेषकों का नजरिया बनाम बाजार की प्रतिक्रिया
इस शेयर में भारी गिरावट के बावजूद, कुछ विश्लेषक LTIMindtree के वैल्युएशन को अभी भी आकर्षक मान रहे हैं। अप्रैल 2026 तक, इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 27-29 के आसपास था, जो कि Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys जैसे प्रतिस्पर्धियों (जिनका P/E 18-20 था) से काफी ज्यादा है। हालांकि, इस प्रीमियम को कंपनी के मजबूत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) और RoE मेट्रिक्स से कुछ हद तक सही ठहराया गया था।
भारतीय IT सेक्टर, AI और क्लाउड एडॉप्शन के चलते 11% की अनुमानित ग्रोथ से लाभान्वित हो रहा है। लेकिन, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड IT सर्विसेज मार्केट के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। यह स्थिति, फरवरी 2026 में MarketsMOJO द्वारा वैल्युएशन संबंधी चिंताओं के चलते 'Buy' से 'Hold' रेटिंग में बदलाव से भी झलकती है।
सेगमेंट की कमजोरी और लाभप्रदता पर सवाल
24 अप्रैल, 2026 को शेयर में तेज गिरावट की एक अहम वजह Q4 FY26 नतीजों में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेगमेंट की 5.5% की तिमाही-दर-तिमाही गिरावट रही। यह मुख्य रूप से बड़े क्लाइंट खातों में हुए एडजस्टमेंट्स के कारण हुआ। BFSI सेगमेंट की यह कमजोरी, साथ ही वेतन वृद्धि जैसे कारकों से मार्जिन पर बढ़ा दबाव, कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण तस्वीर पेश करता है। RoE में लगातार गिरावट, जो FY23 में 26.1% थी, FY26 में 21.3% तक आ गई है, जो पिछली अवधियों की तुलना में लाभ कमाने की क्षमता पर सवाल खड़े करती है।
विश्लेषकों के टारगेट प्राइस और आगे की राह
इसके बावजूद, Motilal Oswal और Nuvama Institutional Equities जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। Motilal Oswal ने ₹5,400 का टारगेट प्राइस दिया है, जबकि Nuvama ने ₹6,200 का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, अन्य विश्लेषकों का नजरिया अधिक सतर्क है। TipRanks पर ₹5,972.33 का औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस है, जो 'Hold' की सहमति को दर्शाता है। Market Screener पर ₹5,302.63 के औसत टारगेट प्राइस के साथ 'Outperform' की सहमति है।
विश्लेषकों के टारगेट में यह अंतर, 24 अप्रैल, 2026 को शेयर में आई तेज गिरावट के साथ मिलकर, अल्पावधि में अनिश्चितता की ओर इशारा करता है। भले ही LTIMindtree ने FY26 में मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की हो और Q1 FY27 के लिए सकारात्मक गाइडेंस दिया हो।
