LTIMindtree ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **1.1%** बढ़कर **$1.2 बिलियन** रहा, जबकि एडजस्टेड प्रॉफिट में **6%** की कमी दर्ज की गई और यह **₹1400 करोड़** पर आ गया।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी का परफॉर्मेंस मिला-जुला रहा है। हालांकि रेवेन्यू में 1.1% की ग्रोथ (कांस्टेंट करेंसी टर्म्स में) दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमान से बेहतर है, लेकिन नेट प्रॉफिट ₹1400 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 6% कम है। कंपनी का EBIT मार्जिन 15.6% रहा, जो काफी हद तक मार्केट के प्रोजेक्शन के हिसाब से ही था।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
Motilal Oswal ने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। हालांकि, फॉरेक्स (Forex) यानी विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अर्निंग पर शेयर (EPS) के अनुमानों को थोड़ा घटा दिया है। भारतीय IT सेक्टर के लिए डॉलर के मुकाबले रुपये में अस्थिरता हमेशा से एक चुनौती रही है, जिसका असर कंपनियों की बैलेंस शीट पर दिखता है।
आगे क्या उम्मीदें हैं?
शॉर्ट-टर्म दबाव के बावजूद ब्रोकरेज लॉन्ग-टर्म में कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने वैल्युएशन मल्टीपल को 20 गुना से बढ़ाकर 21 गुना (FY28 अर्निंग्स) कर दिया है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और ग्लोबल डिमांड एनवायरनमेंट में खुद को कैसे स्थिर रखती है।
