LT Foods के लिए दूसरी तिमाही काफी मिला-जुली रही है। कंपनी का रेवेन्यू **17%** बढ़ा है, लेकिन फ्रेट और मार्केटिंग खर्चों के दबाव के कारण EBITDA ग्रोथ सिर्फ **10%** पर ही सिमट गई है।
सेल्स में तेजी, मार्जिन पर दबाव
LT Foods ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में 17% की बढ़त दर्ज की है। इस ग्रोथ को मुख्य रूप से बासमती और अन्य स्पेशलिटी राइस सेगमेंट का सहारा मिला है। कंपनी का कुल बिजनेस वॉल्यूम 11% और ब्रांडेड बिजनेस वॉल्यूम 8% तक बढ़ा है।
हालाँकि, कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA ग्रोथ सिर्फ 10% (Year-on-Year) रही। यह अंतर बताता है कि कंपनी की बिक्री तो बढ़ रही है, लेकिन साथ ही बिजनेस चलाने की लागत भी काफी महंगी हो गई है। खास तौर पर फ्रेट चार्जेस और ब्रांड प्रमोशन पर किए गए भारी खर्च ने मार्जिन को काफी प्रभावित किया है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने कंपनी पर अपना भरोसा कायम रखा है और स्टॉक के लिए ₹500 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज को कंपनी से लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें 14% की रेवेन्यू CAGR और 30% तक के एडजस्टेड प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
बासमती राइस का मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव है, जहाँ ब्रांड बिल्डिंग के लिए लगातार निवेश जरूरी है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह खर्च आगे चलकर मार्केट शेयर बढ़ाने में मददगार साबित होता है या सिर्फ प्रॉफिट को कम करता है। इसके अलावा, एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़े रिस्क जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और शिपिंग कॉस्ट का असर सीधे कंपनी के बॉटम-लाइन पर पड़ सकता है। फिलहाल, मैनेजमेंट की मार्जिन को स्टेबल करने की क्षमता ही इस स्टॉक की अगली चाल तय करेगी।
