LT Finance ने अपने तिमाही नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। गोल्ड और पर्सनल लोन सेगमेंट की मजबूती के दम पर कंपनी का नेट प्रॉफिट **33%** बढ़कर **₹9.7 बिलियन** हो गया है, जबकि एसेट अंडर मैनेजमेंट (**AUM**) **28%** की उछाल के साथ **₹1.37 ट्रिलियन** के स्तर पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस ग्रोथ
LT Finance के हालिया नतीजों ने बाजार की उम्मीदों को पार कर लिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹9.7 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है, जो कि सालाना आधार पर 33% की बढ़त दर्शाता है। इस तेजी के पीछे गोल्ड लोन, पर्सनल लोन और SME लोन सेगमेंट में बनी हुई जबरदस्त डिमांड का बड़ा हाथ है। कंपनी का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 28% बढ़कर ₹1.37 ट्रिलियन हो गया है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी का जलवा
Emkay Global के एनालिस्टों ने कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी की तारीफ की है। कंपनी का क्रेडिट कॉस्ट 8 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 2.46% पर आ गया है। इस सुधार के पीछे बेहतर कलेक्शन प्रोसेस और लोन मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल की जा रही प्रोप्राइटरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का अहम योगदान है। इसके अलावा, कंपनी को 6.95% की रिकॉर्ड-लो कॉस्ट ऑफ फंड्स का फायदा भी मिल रहा है, जो ब्याज दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव के खिलाफ एक सुरक्षा कवच का काम करता है।
भविष्य की योजना और जोखिम
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक AUM में 20% से ज्यादा की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन को 10% से 10.5% के दायरे में स्थिर रखने की योजना है।
हालांकि, चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कंपनी का लगभग ₹10.3 बिलियन का रूरल ग्रुप लोन उन क्षेत्रों में फंसा है जो फिलहाल स्ट्रेस्ड कंडीशंस का सामना कर रहे हैं। यह कंपनी के कुल रूरल लोन बुक का करीब 3.3% है। साथ ही, IRDAI के नए ड्राफ्ट रेगुलेशन को लेकर भी कंपनी अपनी रणनीति को बदलने में जुटी है, जिसके लिए वह पेमेंट सर्विसेज जैसे नए रेवेन्यू सोर्सेज पर दांव लगा रही है।
