रिकॉर्ड EBITDA और प्रोडक्शन से हुई दमदार कमाई
LMEL ने फाइनेंशियल ईयर 2026 का अंत मजबूत प्रदर्शन के साथ किया है। कंपनी ने Q4 में ₹25.4 बिलियन का कंसोलिडेटेड EBITDA दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 874% ज्यादा है। यह पिछली तिमाही से भी 45% अधिक है। इस रिकॉर्ड उछाल का मुख्य कारण आयरन ओर (Iron Ore) की दमदार बिक्री और थ्रिवेनी (Thriveni) ऑपरेशंस से मिला योगदान रहा। LMEL ने मार्च 2026 में अपने 12 किलोटन (kt) कॉपर कैथोड प्लांट में भी कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी अपने मुख्य आयरन ओर बिजनेस के साथ-साथ कॉपर में विस्तार कर रही है और स्टील व माइन डेवलपर और ऑपरेटर (MDO) जैसे नए सेक्टर्स में डाइवर्सिफाई करने की योजना बना रही है। मई 2026 की शुरुआत में, LMEL का मार्केट वैल्यूएशन लगभग ₹1 ट्रिलियन था, जिसका P/E रेश्यो 38-40x के आसपास था। स्टॉक ने पिछले एक साल में 45% से अधिक का रिटर्न दिया है, और इसे Crisil (AA/Stable) और India Ratings (IND AA/Stable) जैसी एजेंसियों से मजबूत क्रेडिट रेटिंग मिली हुई है।
एनालिस्टों की 'होल्ड' रेटिंग: वैल्यूएशन पर चिंता और नए प्रोजेक्ट्स में रिस्क
लेकिन, इन शानदार आंकड़ों के बीच, ICICI Securities ने LMEL के स्टॉक को 'BUY' से 'HOLD' रेटिंग पर डाउनग्रेड कर दिया है और नया टारगेट प्राइस ₹1,740 तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि शेयर का मौजूदा वैल्यूएशन, जो मई 2026 की शुरुआत में लगभग ₹1,748 प्रति शेयर था, पहले से ही कंपनी के आयरन ओर बिजनेस के पूरे मूल्य को दर्शा रहा है। ICICI Securities के अनुसार, स्टॉक में आगे की तेजी अब कंपनी के नए स्टील मिल और थ्रिवेनी ऑपरेशंस के सफल विस्तार पर निर्भर करेगी। इससे कंपनी के मूल्यांकन का फोकस मौजूदा खदानों से हटकर इन नई परियोजनाओं के रिस्क और संभावनाओं पर चला गया है। भारतीय स्टील मार्केट काफी प्रतिस्पर्धी है, जिसमें JSW Steel और Tata Steel जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। LMEL का मौजूदा वैल्यूएशन स्थापित स्टील कंपनियों के लिए भी ज्यादा माना जा रहा है।
महत्वाकांक्षी विस्तार में डाइवर्सिफिकेशन के रिस्क
LMEL का स्टील, कॉपर और MDO में विस्तार जहां ग्रोथ की बड़ी संभावनाएं खोलता है, वहीं इसमें काफी एग्जीक्यूशन और इंटीग्रेशन रिस्क भी शामिल हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2029 तक ₹32,700 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान किया है, जो एक बड़ी परियोजना है और इसमें लागत बढ़ने या देरी का खतरा है। ये फैक्टर्स कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव डाल सकते हैं, भले ही इसकी क्रेडिट रेटिंग मजबूत हो और हाल ही में इक्विटी फंडिंग भी हुई हो। सफल डाइवर्सिफिकेशन के लिए LMEL को इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट्स और बड़े पैमाने पर कॉपर ऑपरेशंस की जटिलताओं को मैनेज करना होगा, जो उसके मौजूदा आयरन ओर माइनिंग बिजनेस से काफी अलग हैं। स्टील सेक्टर के प्रतिस्पर्धियों के पास दशकों का अनुभव और पैमाना है, जबकि LMEL इस क्षेत्र में नया खिलाड़ी है।
भविष्य का प्रदर्शन प्रोजेक्ट्स के सफल निष्पादन पर निर्भर
आगे चलकर, LMEL के प्रदर्शन पर बारीक नजर रखी जाएगी। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। ICICI Securities की 'HOLD' रेटिंग और ₹1,740 का टारगेट प्राइस एक सतर्क आशावाद का संकेत देता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस उम्मीद के मुताबिक मध्यम अवधि की ग्रोथ को दर्शाता है। किसी भी बड़ी बढ़त के लिए परियोजनाओं का सफल निष्पादन महत्वपूर्ण होगा। यह राय MarketsMojo की अप्रैल 2026 के अंत की 'Strong Buy' रेटिंग से अलग है, जो समग्र वित्तीय रुझानों और बाजार स्थिति पर अधिक केंद्रित लगती है। अंततः, LMEL की नई परियोजनाओं को एकीकृत करने, लागतों को नियंत्रित करने और स्टील व मेटल्स बाजारों में मांग को पूरा करने की क्षमता ही तय करेगी कि क्या यह अपने मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहरा पाएगी और अपने स्थापित आयरन ओर बिजनेस से परे रिटर्न दे पाएगी।
