LKP Research ने HCL Technologies की रेटिंग को 'होल्ड' कर दिया है। कंपनी के मार्जिन में सुधार और तगड़ी डील बुकिंग के बावजूद, सॉफ्टवेयर बिजनेस में कमजोरी और मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियों के कारण ब्रोकरेज ने यह फैसला लिया है।
LKP Research ने HCL Technologies के लिए अपना नजरिया बदलते हुए रेटिंग को 'होल्ड' पर डाल दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹1,360 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। यह बदलाव तब आया है जब कंपनी अपने सॉफ्टवेयर बिजनेस में आ रही दिक्कतों और लंबी अवधि के ग्रोथ दबावों से जूझ रही है।
मिले-जुले नतीजे और परफॉर्मेंस
12 अक्टूबर को पेश किए गए Q2 FY2027 नतीजों में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। एक तरफ, कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी दिखाई और EBIT मार्जिन 131 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2% तक पहुंच गया। यह सफलता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विसेज और कॉस्ट कटिंग के कारण संभव हुई। साथ ही, डील बुकिंग USD 3.3 बिलियन रही, जो पिछले साल के मुकाबले 27% ज्यादा है।
दूसरी तरफ, सॉफ्टवेयर बिजनेस का प्रदर्शन निराश करने वाला है। इसमें तिमाही-दर-तिमाही 5.8% और सालाना आधार पर 11.2% की गिरावट दर्ज की गई है। इस खबर के बाद 13 अक्टूबर को शेयर में 8% का उछाल दिखा था, जिसमें ₹12 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड की घोषणा ने भी निवेशकों का उत्साह बढ़ाया था।
भविष्य की चुनौतियां
ब्रोकरेज का मानना है कि भले ही सर्विसेज बिजनेस अच्छा कर रहा हो, लेकिन AI-आधारित डिफ्लेशनरी प्रेशर और नई डील्स का रेवेन्यू में कन्वर्जन अभी भी एक रिस्क है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 2.5% से 4.0% रेवेन्यू ग्रोथ और 17.5% से 18.5% EBIT मार्जिन का गाइडेंस बरकरार रखा है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि कंपनी कब तक अपने सॉफ्टवेयर बिजनेस में स्थिरता ला पाती है और डील्स को मुनाफे में बदल पाती है।
