Life Insurance Corporation of India (LIC) के शेयर शुक्रवार को दबाव में दिखे। हालांकि कंपनी ने सितंबर तिमाही में **20%** की शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म Jefferies द्वारा टारगेट प्राइस को **₹530** से घटाकर **₹510** किए जाने से निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा है।
मुनाफे का दमदार प्रदर्शन
LIC ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12,076 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹10,053 करोड़ था। वहीं, कंपनी की कुल आय भी ₹2,62,739 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले साल ₹2,39,614 करोड़ थी। मजबूत नतीजों के बावजूद स्टॉक में गिरावट यह बताती है कि बाजार सिर्फ पिछली परफॉर्मेंस ही नहीं, बल्कि भविष्य के अनुमानों पर भी बारीकी से नजर रख रहा है।
क्यों कम हुआ ब्रोकरेज का भरोसा?
Jefferies ने LIC के टारगेट प्राइस में कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नई पॉलिसीज पर मार्जिन में दबाव आ सकता है। जानकारों के मुताबिक, जिस 'इंटरेस्ट रेट एनवायरमेंट' (Yield Curve) से कंपनी को पहले फायदा मिल रहा था, उसका असर अब कम हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म 'Value of New Business' यानी नए बिजनेस से मिलने वाले संभावित मुनाफे को लेकर थोड़ा सतर्क है, जिसका असर वैल्युएशन पर पड़ा है।
आगे की रणनीति
अब कंपनी का फोकस एन्युटी (Annuity), हेल्थ इंश्योरेंस और प्रोटेक्शन प्लान्स पर है। कंपनी डिस्ट्रिब्यूशन में सुधार कर रही है और अपने पोर्टफोलियो को प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर शिफ्ट कर रही है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी इन नए प्रोडक्ट्स के जरिए मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और लॉन्ग टर्म में प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बनाए रखती है।
