Prabhudas Lilladher ने LIC Housing Finance पर 'Hold' की रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस **₹520** तय किया है। Q2 FY27 नतीजों के बाद, कंपनी पर बढ़ते प्रीपेमेंट्स (Prepayments) और तगड़ी प्रतिस्पर्धा का दबाव साफ दिख रहा है।
Prabhudas Lilladher ने LIC Housing Finance पर अपनी 'Hold' रेटिंग कायम रखते हुए शेयर के लिए ₹520 का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस ने यह सतर्क रुख अपनाया है। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का नया बिजनेस तो बढ़ रहा है, लेकिन कुल लोन बुक के विस्तार में चुनौतियां बरकरार हैं।
आंकड़ों की हकीकत
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में LIC Housing Finance के नए लोन डिस्बर्समेंट में 11.1% का उछाल देखा गया। लेकिन, कुल लोन बुक का विस्तार केवल 5% रहा, जो ₹3,219.6 अरब पर पहुंच गया। यह फासला साफ इशारा करता है कि कंपनी नए लोन तो बांट रही है, लेकिन पुराने लोन तेजी से वापस (Prepayment) हो रहे हैं। फिलहाल प्रीपेमेंट रेट 12% के आसपास बना हुआ है, जो कंपनी की ओवरऑल ग्रोथ को सीमित कर रहा है।
भविष्य की रणनीति और रिस्क
कंपनी मैनेजमेंट ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए AUM (Assets Under Management) में 8% से 10% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) और प्रोजेक्ट फाइनेंस जैसे हाई-रिटर्न सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि FY27 और FY28 में AUM ग्रोथ 6% से 7% के दायरे में रह सकती है। नए सेगमेंट में एंट्री से एसेट क्वालिटी पर असर पड़ने का जोखिम भी बना हुआ है।
मुनाफे पर दबाव
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) को लेकर भी एनालिस्ट सतर्क हैं। अगले दो सालों में इसके 2.5% से 2.6% के बीच रहने का अनुमान है। फंड्स की बढ़ती लागत और बैंकों से मिल रही कड़ी टक्कर के चलते मार्जिन को मेंटेन रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
