LCC Projects Limited का ₹427.14 करोड़ का IPO 9 सितंबर, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने ₹139-₹146 का प्राइस बैंड तय किया है और इसे आनंद राठी की ओर से 'सब्सक्राइब - लॉन्ग टर्म' रेटिंग मिली है।
IPO की मुख्य जानकारी
LCC Projects Limited अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है, जो 9 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए ₹139 से ₹146 का प्राइस बैंड फिक्स किया है। इस इश्यू में निवेश करने के लिए निवेशकों को कम से कम 102 शेयरों के लॉट के लिए बोली लगानी होगी। कुल ₹427.14 करोड़ के इस इश्यू में ₹258 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे, जबकि ₹169.14 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) रखा गया है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने इस इश्यू को 'सब्सक्राइब – लॉन्ग टर्म' की रेटिंग दी है। कंपनी मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में काम करती है और वाटर व इरिगेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इसका बड़ा फोकस है। कंपनी का काम भारत के 12 राज्यों में फैला है, जिसमें बांध और लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹3,600.25 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹286.44 करोड़ रहा है।
कर्ज घटाने पर है जोर
कंपनी इस IPO से जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा अपना कर्ज कम करने में लगाएगी। नए इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹180 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को चुकाने (Repayment/Prepayment) के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, ₹14.69 करोड़ का इस्तेमाल नए उपकरण खरीदने में होगा। मार्च 2026 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.97x था।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का रेवेन्यू पूरी तरह सरकारी प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है। इस कारण सरकारी बजट, प्रोजेक्ट अप्रूवल और पेमेंट साइकिल में देरी का असर सीधे कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है। साथ ही, स्टील और सीमेंट जैसी कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी एक बड़ा जोखिम है। कंपनी के शेयर 17 सितंबर, 2026 के आसपास BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
