Kotak Securities ने Ujjivan Small Finance Bank और Cello World को लेकर अपना नजरिया अपडेट किया है। जहां बैंक अपने रिस्क को कम करने के लिए secured lending पर फोकस कर रहा है, वहीं Cello World प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने में जुटी है।
Kotak Securities की हालिया रिपोर्ट में Ujjivan Small Finance Bank और Cello World के अंदरूनी बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं। यह बदलाव निवेशकों के लिए लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो के लिहाज से बेहद अहम हैं।
Ujjivan SFB का सुरक्षित निवेश की ओर कदम
बैंक अब अपनी माइक्रोफाइनेंस निर्भरता को कम करने पर जोर दे रहा है, जो आर्थिक उतार-चढ़ाव में काफी संवेदनशील होती है। वित्त वर्ष 2024 में माइक्रोफाइनेंस एक्सपोजर 71% था, जिसे घटाकर मार्च 2026 तक 51% पर लाने में बैंक कामयाब रहा है। अब बैंक का फोकस अफोर्डेबल हाउसिंग और छोटे बिजनेस लोन पर है। बैंक का नेट नॉन-परफॉर्मिंग लोन (NPL) भी महज 0.4% है, जो इसके मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल को दर्शाता है। हालांकि, निवेशकों को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में आने वाले इक्विटी रेज (equity raise) पर नजर रखनी होगी, क्योंकि इससे इक्विटी डाइल्यूशन का असर EPS पर पड़ सकता है।
Cello World की बढ़ती चुनौती
Cello World फिलहाल कमजोर कंज्यूमर डिमांड और बढ़ते खर्चों के बीच अपना रास्ता तलाश रही है। कंपनी का रेवेन्यू 0.4% तक गिर गया है। इसका मुकाबला सस्ते आयातित स्टील और ग्लास उत्पादों से है। कंपनी अब अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को इन-हाउस शिफ्ट कर रही है ताकि मजबूती बढ़ाई जा सके। हालांकि अभी glassware सेगमेंट 60% क्षमता पर ही काम कर रहा है, लेकिन कंपनी के 'राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स' डिविजन ने 52% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन और मैन्युफैक्चरिंग दक्षता पर नजर बनाए रखनी होगी।
