Kotak Securities ने रियल एस्टेट कंपनी Sobha और Equitas Small Finance Bank (SFB) पर अपना भरोसा जताया है। ब्रोकरेज फर्म ने दोनों कंपनियों के लिए 'ADD' और 'BUY' रेटिंग जारी की है, जो उनके मजबूत सेल्स ग्रोथ और सुधरती लोन क्वालिटी की ओर इशारा कर रही है।
Sobha के लिए 'ADD' रेटिंग
रियल एस्टेट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Sobha के लिए Kotak Securities ने 'ADD' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी ने हाल ही में रिकॉर्ड प्री-सेल्स दर्ज की है और भविष्य के प्रोजेक्ट्स का एक मजबूत पाइपलाइन तैयार है।
आंकड़े बताते हैं कि FY26 के लिए Sobha की प्री-सेल्स ₹8,140 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 30% ज्यादा है। FY27 की पहली तिमाही में भी यह रफ्तार जारी रही, जहां ₹3,660 करोड़ की प्री-सेल्स दर्ज हुई, जो पिछले साल की समान अवधि से 76% अधिक है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में भी 62% का इजाफा हुआ है, जो 23.4 लाख स्क्वायर फीट तक पहुंच गई है।
Sobha के पास अगले 4 से 6 तिमाहियों में लॉन्च होने वाले 13 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का पाइपलाइन है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2 करोड़ स्क्वायर फीट है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि इन प्रोजेक्ट्स से ₹9,560 करोड़ का कैश फ्लो जनरेट हो सकता है। मौजूदा समय में, स्टॉक का वैल्यूएशन FY27 के अनुमानित EV/EBITDA के 7.4x पर है।
Equitas SFB को मिली 'BUY' रेटिंग
वहीं, Equitas Small Finance Bank के लिए Kotak Securities ने 'BUY' रेटिंग जारी की है। बैंक अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिसमें माइक्रो-फाइनेंस सेगमेंट पर निर्भरता कम की जा रही है। यह सेगमेंट अब बैंक के कुल लोन का सिर्फ 10-12% है।
यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि बैंक ने FY2025-26 के दौरान माइक्रो-फाइनेंस साइकिल में कुछ तनाव का सामना किया था। हालांकि, वर्तमान में कलेक्शन एफिशिएंसी सुधरकर 99.7% हो गई है।
बैंक का लैंडिंग मॉडल अब स्मॉल बिजनेस लोन, व्हीकल फाइनेंस और हाउसिंग फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। बैंक का लक्ष्य FY2031 तक 1.5% का स्टेडी-स्टेट रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) हासिल करना है। मैनेजमेंट 1.25% से 1.50% के बीच क्रेडिट कॉस्ट और 60% से नीचे कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो बनाए रखने की योजना बना रहा है।
बैंक का फॉरवर्ड बुक वैल्यू 1.2-1.4x पर ट्रेड कर रहा है, और वह अपने नॉन-माइक्रोफाइनेंस बिजनेस को बढ़ाते हुए रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में सुधार करने की कोशिश कर रहा है। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या बैंक कलेक्शन में अपनी मौजूदा रफ्तार बनाए रख पाता है और अगले कुछ सालों में 21% के सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ रेट (CAGR) से अपने एडवांसेस बढ़ा पाता है।
