ब्रोकरेज फर्म Kotak Securities ने ITC के स्टॉक पर अपना रुख बदल दिया है। कंपनी ने ITC को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹365 का लक्ष्य (Target Price) तय किया है। साथ ही, NBCC (India) पर भी कवरेज शुरू करते हुए 'Add' रेटिंग और ₹115 का लक्ष्य दिया है।
ITC में क्यों आया सुधार?
Kotak Securities का कहना है कि ITC के सिगरेट बिजनेस में धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। हालांकि, 30% तक की गिरावट EBIT (ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई) में देखी गई थी, जिसका मुख्य कारण 2026 की शुरुआत में टैक्स में की गई बड़ी बढ़ोतरी है। लेकिन, फर्म का मानना है कि यह गिरावट अब कंट्रोल में है और वॉल्यूम पर 5% से 10% का ही नकारात्मक असर पड़ा है।
कंपनी "EBIT-per-stick" यानी प्रति सिगरेट पर EBIT को न्यूट्रल रखने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए ITC ने कैलिब्रेटेड प्राइस हाइक (सोच-समझकर दाम बढ़ाना) और कुछ खास प्रोडक्ट्स जैसे 'Longs' और प्रीमियम 'DSFT' (डायरेक्ट-टू-स्टोर/फैक्ट्री) वेरिएंट्स पर फोकस किया है। उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) तक यह दबाव कम हो जाएगा। निवेशक यह देख रहे हैं कि ITC कैसे अपने ग्राहकों को महंगे सिगरेट की ओर ले जाती है, खासकर Godfrey Phillips जैसे कंपटीटर्स के बढ़ते दखल के बीच।
NBCC का ऑर्डर बुक रहा दमदार
NBCC (India) पर 'Add' रेटिंग देने के पीछे फर्म ने कंपनी के विशाल ऑर्डर बुक का हवाला दिया है। मार्च 2026 तक, NBCC के पास लगभग ₹1.27 लाख करोड़ का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग था। NBCC का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) पर आधारित है, जिससे कंपनी को सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने के लिए फीस मिलती है, और इसमें कैपिटल का जोखिम कम रहता है।
कंपनी के हालिया नतीजों में भी ग्रोथ दिखी है। फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में इसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट-आफ्टर-टैक्स (PAT) 33% से ज्यादा बढ़ा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के पास भविष्य में सरकारी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, जैसे हाउसिंग और इंस्टीट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर से अच्छी कमाई की संभावना है।
निवेशकों के लिए खास बातें
ITC के मामले में, निवेशकों को सिगरेट वॉल्यूम और मार्जिन पर नजर रखनी होगी। टैक्स बढ़ोतरी का सबसे बुरा दौर शायद बीत चुका है, लेकिन यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी बिना मार्केट शेयर खोए अपनी प्राइसिंग पावर बनाए रख पाती है। FMCG बिजनेस की स्थिरता और डिविडेंड (Dividend) पर भी निवेशक ध्यान देंगे।
NBCC की बात करें तो, मार्केट में वैल्यूएशन और एग्जीक्यूशन (काम पूरा करने की क्षमता) पर बहस चल रही है। हालांकि ऑर्डर बुक से कमाई की विजिबिलिटी अच्छी है, लेकिन स्टॉक का P/E (प्राइस-टू-अर्निंग्स) मल्टीपल थोड़ा ज्यादा है। निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि NBCC इस बड़े ऑर्डर बुक को कैश फ्लो और प्रॉफिट में कैसे बदल पाती है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स में प्रोजेक्ट में देरी, बढ़ती लागत और लंबे पेमेंट साइकिल जैसे जोखिम भी होते हैं।
