Kotak Neo की हालिया रिसर्च के मुताबिक, Nifty 50 के **22,000** के स्तर पर आने के बाद हाई-क्वालिटी लार्ज-कैप शेयरों में लॉन्ग-टर्म वैल्यू नजर आ रही है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बाजार में अस्थिरता है, लेकिन **FY28** की अर्निंग्स के अनुमान बताते हैं कि कई दिग्गज कंपनियां अभी अपने इंट्रिन्सिक वैल्यू से काफी सस्ते दाम पर मिल रही हैं।
Kotak Neo की लेटेस्ट रिसर्च में सुझाव दिया गया है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव भरा बाजार लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन (Wealth Creation) के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है। जब Nifty 50 22,000 के मार्क को टेस्ट कर रहा है, तो एनालिस्ट्स इसे इंडेक्स के लिए एक 'फ्लोर' या सपोर्ट लेवल के रूप में देख रहे हैं। इस नजरिए का मुख्य आधार FY28 की वैल्यूएशन है। रिपोर्ट में यह हाइलाइट किया गया है कि Nifty 50 की लगभग 80% कंपनियां अपने इंट्रिन्सिक वैल्यू से 20% तक के डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही हैं।
भू-राजनीतिक तनाव का असर (Geopolitical Uncertainty)
वैल्यूएशन बेहतर होने के बावजूद, मार्केट की फौरी दिशा ग्लोबल डेवलपमेंट पर टिकी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बाजार में रोजमर्रा की हलचल का बड़ा कारण बना हुआ है, जो अक्सर लोकल फंडामेंटल्स को पीछे छोड़ देता है। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह है कि वे इस शॉर्ट-टर्म शोर से दूर रहें और ऐसी कंपनियों पर फोकस करें जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत है और जिनके लॉन्ग-टर्म लक्ष्य स्पष्ट हैं।
सेक्टर फोकस और भविष्य की रणनीति
उतार-चढ़ाव के बीच कुछ सेक्टर खास ध्यान खींच रहे हैं। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में मजबूती बताई है, खासकर NBFCs और कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज में। इसके अलावा, फार्मास्यूटिकल सेक्टर—खासकर CDMOs (कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन)—को भी अंडरवैल्यूड माना जा रहा है। ट्रैवल, टूरिज्म और चुनिंदा ऑटोमोबाइल कंपनियां भी ब्रोकरेज की रडार पर हैं।
भारतीय बाजार का ढांचा मजबूत बना हुआ है। Jio Platforms जैसी बड़ी कंपनियों की संभावित पब्लिक लिस्टिंग न केवल भारत की ग्लोबल आर्थिक स्थिति को दर्शाती है, बल्कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाती है। अंत में, निवेशकों को फंडामेंटल वैल्यू और मैक्रो-ड्रिवन वोलेटिलिटी के बीच का फर्क समझना होगा। हालांकि लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन आने वाले समय में प्रदर्शन FY28 तक अर्निंग्स ग्रोथ और ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल हालातों के स्थिर होने पर निर्भर करेगा।
