संवत 2083 की शुरुआत के साथ, Kotak Neo ने अपने 7 'फंडामेंटल मुहूर्त पिक्स' जारी किए हैं। ब्रोकरेज ने डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कॉमर्स जैसे सेक्टर्स पर दांव लगाया है, जिसमें Hindustan Aeronautics और Titan जैसे नाम शामिल हैं।
नए फाइनेंशियल ईयर और संवत 2083 की शुरुआत पर ब्रोकरेज फर्म Kotak Neo ने अपनी सात 'फंडामेंटल मुहूर्त पिक्स' की लिस्ट जारी की है। इन स्टॉक्स को इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, डोमेस्टिक कंजम्पशन, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस जैसे सेक्टर्स से चुना गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि जो कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाने और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार कर रही हैं, वे आने वाले 12 महीनों में वैल्यू क्रिएशन कर सकती हैं।
सेक्टर के ग्रोथ ड्राइवर्स
चुने गए स्टॉक्स के पीछे मजबूत बिजनेस डेवलपमेंट है। उदाहरण के तौर पर, डिफेंस क्षेत्र में Hindustan Aeronautics (HAL) का ऑर्डर बुक करीब ₹2.55 लाख करोड़ है, जो भविष्य की कमाई को लेकर साफ तस्वीर पेश करता है। वहीं, APL Apollo Tubes की योजना 2028 फाइनेंशियल ईयर तक अपनी क्षमता को 8 मिलियन टन तक ले जाने की है। कंजम्पशन और टेक सेक्टर में Titan कंपनी का लक्ष्य ज्वैलरी बिजनेस में मार्केट शेयर को 11 फीसदी तक बढ़ाना है, जबकि Persistent Systems को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ते खर्च का बड़ा फायदा मिल सकता है।
लिस्ट में Zomato की पैरेंट कंपनी भी शामिल है, जो क्विक-कॉमर्स मॉडल के जरिए डार्क स्टोर्स का जाल बिछा रही है। इसके अलावा, फाइनेंस सेक्टर में Ujjivan Small Finance Bank को इसकी मजबूत एसेट क्वालिटी के लिए चुना गया है, जहां क्रेडिट कॉस्ट 1 फीसदी से कम बनी हुई है। अंत में, केमिकल सेक्टर में Jubilant Ingrevia अपनी स्पेशलिटी केमिकल डिवीजन के दम पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
निवेश में छिपे जोखिम
ये सुझाव रिसर्च और ग्रोथ प्रोजेक्शन पर आधारित हैं, लेकिन निवेश से पहले रिस्क को समझना जरूरी है। APL Apollo Tubes और Zomato जैसी कंपनियों के लिए 'एग्जीक्यूशन रिस्क' सबसे बड़ा है, यानी समय पर प्रोजेक्ट पूरे करना और कैश फ्लो मैनेज करना। यदि कैपेसिटी बढ़ाने में देरी हुई, तो रेवेन्यू उम्मीद से कम रह सकता है। इसके अलावा, केमिकल और मेटल सेक्टर ग्लोबल डिमांड में बदलाव और कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं। साथ ही, Titan जैसे कंज्यूमर बिजनेस पर सोने की कीमतों और त्योहारों की मांग में कमी का असर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे इन कंपनियों के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट के अपडेट्स पर बारीक नजर रखें।
