Kotak Life Insurance के हेड ऑफ इक्विटी हेमंत कनावाला ने 2027 तक के लिए बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर को निवेश के लिहाज से सबसे बेहतरीन बताया है। बाजार अब वैल्युएशन से ज्यादा कॉर्पोरेट अर्निंग्स के दम पर आगे बढ़ेगा।
बाजार का नया फोकस: 'अर्निंग्स डिलीवरी'
भारतीय शेयर बाजार अब उस दौर में है जहां वैल्युएशन लॉन्ग-टर्म औसत के करीब आ रहे हैं। Kotak Life Insurance के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ इक्विटी, हेमंत कनावाला का कहना है कि 2027 तक का सफर अब वैल्यूएशन बढ़ने के बजाय कंपनियों की कमाई यानी 'अर्निंग्स डिलीवरी' पर निर्भर करेगा। फिलहाल निफ्टी 50 लार्ज-कैप स्टॉक्स 19.7 के FY2027 फॉरवर्ड अर्निंग्स मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं।
क्यों बैंकिंग और हेल्थकेयर हैं पसंदीदा?
हेमंत कनावाला के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और स्थिर मार्जिन इसे निवेशकों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनाते हैं। वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर में दोतरफा मौके हैं—पहला मजबूत घरेलू मांग और दूसरा CDMO सर्विसेज (कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग) का बढ़ता एक्सपोर्ट। इन सेक्टर्स में संरचनात्मक बदलाव आ रहे हैं जो इन्हें बाजार के शोर से अलग ग्रोथ देने में मदद करेंगे।
अर्निंग्स की असली परीक्षा
बाजार में FIIs की हलचल भले ही चर्चा में हो, लेकिन असली दम घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) से आ रहा है। अनुमान है कि FY2027 तक निफ्टी कंपनियों का मुनाफा 17% से 18% तक बढ़ सकता है। इसी मुनाफे के दम पर तय होगा कि वर्तमान मार्केट वैल्युएशन जायज है या नहीं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन 2027 तक के रास्ते में कई कांटे भी हैं। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव बाजार की चाल को बिगाड़ सकते हैं। घरेलू मोर्चे पर, बॉन्ड यील्ड में बदलाव और मानसून का पैटर्न भी शॉर्ट-टर्म मार्केट रिएक्शन के लिए जिम्मेदार हो सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे के लक्ष्यों पर पैनी नजर रखें।
