Kotak Institutional Equities ने भारतीय एसेट मैनेजमेंट सेक्टर पर अपना नजरिया बदला है। ब्रोकरेज ने HDFC AMC को अपग्रेड कर 'Buy' रेटिंग दी है, जबकि Aditya Birla Sun Life AMC को डाउनग्रेड किया गया है।
बाजार हिस्सेदारी की बदलती तस्वीर
Kotak Institutional Equities की रिपोर्ट के मुताबिक, एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में बड़ी कंपनियों का दबदबा कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2027 के पहले 4 महीनों में टॉप 10 AMCs की मार्केट हिस्सेदारी गिरकर 71.3% पर आ गई है, जो वित्त वर्ष 2025 में 73% हुआ करती थी। निवेशक अब उन फंड्स की ओर रुख कर रहे हैं जो कम समय में बेहतर रिटर्न दे रहे हैं।
रेटिंग में बदलाव और नए टारगेट्स
ब्रोकरेज ने SBI Funds Management पर कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और ₹600 का टारगेट रखा है। इसका मुख्य कारण उनकी बैंकिंग नेटवर्क के साथ मजबूत पहुंच है। वहीं, HDFC Asset Management Company को 'Add' से अपग्रेड कर 'Buy' कर दिया गया है, जिसका टारगेट प्राइस ₹2,800 तय किया गया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी 18% की ग्रोथ दर को बरकरार रखेगी।
इसके विपरीत, Aditya Birla Sun Life AMC को 'Reduce' रेटिंग के साथ ₹1,010 का टारगेट दिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का शेयर फिलहाल 25 के मल्टीपल (FY28 के अनुमानित अर्निंग्स) पर ट्रेड कर रहा है, जिससे इसमें और तेजी की गुंजाइश कम है।
सेक्टर के लिए चुनौतियां
रिपोर्ट में एक्टिव फंड मैनेजर्स के लिए पैसिव इन्वेस्टिंग (इंडेक्स फंड और ETFs) के बढ़ते प्रभाव को एक बड़ी चिंता बताया गया है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, ICICI Prudential AMC और Nippon Life India Asset Management पर भी 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी गई है। फिलहाल, UTI Asset Management Company के लिए 'Add' रेटिंग और ₹1,020 का टारगेट रखा गया है। निवेशकों को अब इन कंपनियों के नेट इनफ्लो और फंड परफॉर्मेंस पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
