Kirloskar Pneumatic के लिए Q2 FY27 चुनौतीपूर्ण रहा, जहां कंपनी के रेवेन्यू में **15.6%** की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एयर और गैस कॉम्प्रेशन सेगमेंट में बढ़ती डिमांड के चलते एक्सपर्ट्स को वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में रिकवरी की पूरी उम्मीद है।
मुनाफे पर क्यों दिखा दबाव?
कंपनी के हालिया नतीजों में 15.6% की गिरावट के पीछे मुख्य वजह ऑपरेशनल देरी और विस्तार की लागत रही है। नासिक, ससोड़े और हडपसर में चल रहे प्लांट एक्सपेंशन के खर्चों और प्रेसिजन इंजीनियरिंग डिवीजन में प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की धीमी रफ्तार का असर कंपनी के EBITDA मार्जिन पर दिखा, जो सिमटकर 12.5% पर आ गया है।
रिकवरी का रोडमैप
बावजूद इसके, एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी का कोर बिजनेस—एयर कॉम्प्रेशन प्रोडक्ट्स—मजबूत है। फार्मा, सीमेंट और सिनगैस जैसे सेक्टरों से लगातार डिमांड बनी हुई है। मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि प्रेसिजन इंजीनियरिंग सेगमेंट में प्रोजेक्ट डिस्पैच शुरू हो चुके हैं, जिससे पुराना बैकलॉग जल्दी साफ हो जाएगा।
नई रणनीतियां और ब्रोकरेज राय
Kobe Steel के साथ साझेदारी कंपनी को पेट्रोकेमिकल मार्केट में पकड़ मजबूत करने में मदद करेगी, जो अभी तक इंपोर्ट पर निर्भर था। साथ ही, कंपनी 1,060 से ज्यादा CNG स्टेशनों का मेंटेनेंस संभाल रही है, जो रेवेन्यू को स्थिरता दे रहा है।
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अर्निंग एस्टिमेट्स में थोड़ा बदलाव जरूर किया है, लेकिन वे अब भी पॉजिटिव हैं। उन्होंने स्टॉक के लिए ₹790 का टारगेट प्राइस तय किया है और हालिया गिरावट को लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए एंट्री पॉइंट बताया है। हालांकि, निवेशकों को प्रोजेक्ट डिलीवरी की रफ्तार और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार पर नजर रखनी चाहिए।
