Kaynes Tech Shares: शेयर **19%** गिरे! टारगेट चूका, बहीखाते बिगड़े, निवेशकों में हड़कंप!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Kaynes Tech Shares: शेयर **19%** गिरे! टारगेट चूका, बहीखाते बिगड़े, निवेशकों में हड़कंप!
Overview

Kaynes Technology India के शेयरों में आज निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कंपनी के FY26 रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) टारगेट चूकने के बाद स्टॉक में लगभग **19%** की भारी गिरावट आई। इस गिरावट की मुख्य वजह वर्किंग कैपिटल (Working Capital) में बढ़ोत्तरी है, खासकर ग्राहकों से पैसा वसूलने में हो रही देरी।

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रिसीवेबल्स में भारी उछाल, गाइडेंस पर सवाल

कंपनी के मैनेजमेंट के दावों के उलट, FY26 में वर्किंग कैपिटल की जरूरतें तेजी से बढ़ी हैं। एनालिस्ट्स के मुताबिक, रिसीवेबल डेज (Receivable Days) में 57 दिनों की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका मतलब है कि ग्राहकों से पैसा आने में काफी ज्यादा समय लग रहा है। कुछ आंकड़ों से पता चलता है कि Q4 FY26 में रिसीवेबल्स 165% तक बढ़ गए, जो रेवेन्यू ग्रोथ से कहीं आगे था। इसका नतीजा यह हुआ कि Q4 FY26 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो (Operating Cash Flow) ₹600 करोड़ निगेटिव रहा, जबकि मैनेजमेंट ने इसे थोड़ा निगेटिव से पॉजिटिव रहने की उम्मीद जताई थी। प्रोजेक्ट में देरी, जियोपॉलिटिकल मुद्दे, सप्लाई चेन में रुकावटें और एक बड़े इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कस्टमर के साथ कमजोरी भी इन नतीजों पर भारी पड़ी।

आर्डर बुक घटी, ग्रोथ पर संशय

चिंताएं यहीं खत्म नहीं होतीं। FY26 के अंत तक Kaynes Technology की आर्डर बुक (Order Book) घटकर ₹84 अरब रह गई, जो पिछले नौ महीनों में ₹91 अरब थी। यह गिरावट और कम औसत मंथली आर्डर्स, कंपनी की भविष्य की रेवेन्यू विजिबिलिटी (Revenue Visibility) पर सवाल खड़े करती है और कंपनी के आक्रामक ग्रोथ टारगेट को पूरा करने की क्षमता पर संदेह पैदा करती है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि Kaynes, EMS इंडस्ट्री की अनुमानित 15-16% ग्रोथ से दोगुनी तेजी से बढ़ेगा। हालांकि, भारतीय EMS इंडस्ट्री के FY24-29 के बीच लगभग 27% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है, लेकिन Kaynes का रास्ता मुश्किल दिख रहा है।

एनालिस्ट्स की डाउनग्रेड और वैल्यूएशन की चिंता

इस खराब प्रदर्शन पर कई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (Financial Institutions) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। Prabhudas Lilladher ने रेटिंग को 'Accumulate' तक डाउनग्रेड किया और FY27/FY28 के अनुमानों को 29.3% और 27.9% तक कम करते हुए टारगेट प्राइस ₹3,506 कर दिया। Nuvama ने 'Buy' से 'Hold' पर अपग्रेड किया और कैश फ्लो की चिंताओं के चलते टारगेट प्राइस 35% घटाकर ₹3,550 कर दिया। JPMorgan भी ₹4,000 के टारगेट प्राइस के साथ 'Neutral' पर आ गया, उसे EMS और OSAT सेगमेंट में धीमी ग्रोथ और बढ़ते वर्किंग कैपिटल की चिंता है। CLSA ने कमजोर बैलेंस शीट (Balance Sheet) का संकेत दिया। MarketsMojo ने 28 अप्रैल, 2026 को 'Sell' रेटिंग दी, जिसमें फ्लैट फाइनेंशियल और हाई वैल्यूएशन का हवाला दिया गया। Q4FY26 में कंपनी के एम्प्लॉई एक्सपेंसेस (Employee Expenses) में 94.7% की बढ़ोतरी हुई, जबकि रेवेन्यू ग्रोथ सिर्फ 26.2% रही।

मैनेजमेंट की रिकवरी योजना और भविष्य का आउटलुक

इन तमाम मुश्किलों के बावजूद, Kaynes Technology का मैनेजमेंट यह मानने को तैयार नहीं है कि वर्किंग कैपिटल का तनाव चरम पर पहुँच चुका है। उनका मानना है कि अगले तीन तिमाहियों में वर्किंग कैपिटल सामान्य हो जाएगा और FY27 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव हो जाएगा। कंपनी की Sanand OSAT फैसिलिटी ने कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू कर दिए हैं, और HDI PCB यूनिट भी तैयार होने वाली है - ये भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि, निवेशकों का भरोसा वापस जीतने के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती बढ़ते रिसीवेबल्स को कंट्रोल करना और कैश कन्वर्शन (Cash Conversion) को बेहतर बनाना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.