Kajaria Ceramics ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक **20%** रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ा रही है और प्रोजेक्ट-आधारित ऑर्डर्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
विस्तार की रणनीति
Kajaria Ceramics अब बड़े प्रोजेक्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर अपनी ग्रोथ को पंख देने की तैयारी में है। कंपनी आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस्ती और राजस्थान के गेलपुर स्थित अपनी फैसिलिटीज में ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन कर रही है। ये निवेश मौजूदा प्लांट्स में ही किए जा रहे हैं, जिससे कम खर्च में प्रोडक्शन तेजी से बढ़ाया जा सकेगा।
मार्जिन्स और फाइनेंशियल मजबूती
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन हालिया तिमाही में 19.6% पर स्थिर रहा है। इस प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह टाइल्स की कीमतों में 11% और बाथवेयर सेगमेंट में 16% की बढ़ोतरी रही है। गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने कॉस्ट मैनेजमेंट के जरिए अपने मुनाफे को सुरक्षित रखा है।
रिटेल से प्रोजेक्ट्स की ओर शिफ्ट
मैनेजमेंट अब केवल रिटेल सेल्स पर निर्भर न रहकर प्रोजेक्ट-आधारित बिजनेस पर जोर दे रहा है। कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी एक कंसिस्टेंट रेवेन्यू मॉडल बनाना चाहती है ताकि बाजार के रोजाना के उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके।
जोखिम और चुनौतियां
सब कुछ आसान नहीं होगा, क्योंकि गुजरात के मोरबी (Morbi) क्लस्टर से आने वाले अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के छोटे प्लेयर्स प्राइसिंग के मामले में बड़ी चुनौती पेश करते हैं। इसके अलावा, कंपनी का कारोबार गैस पर निर्भर है, इसलिए ग्लोबल गैस कीमतों में अस्थिरता कंपनी के मार्जिन्स पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों की नजर अब इन नए प्रोडक्शन लाइन्स के शुरू होने और प्रोजेक्ट बिजनेस की सफलता पर बनी रहेगी।
