Kajaria Ceramics ने दूसरी तिमाही में **10.2%** की शानदार वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है, जो इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से काफी आगे है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने और फ्यूल कॉस्ट के असर को कम करने के लिए आक्रामक रणनीतियों पर काम कर रही है।
मार्केट में दबदबा और वॉल्यूम ग्रोथ
Kajaria Ceramics ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में 10.2% की सेल्स वॉल्यूम ग्रोथ हासिल की है। यह आंकड़ा घरेलू टाइल्स इंडस्ट्री की औसत 5% से 6% की ग्रोथ से कहीं बेहतर है, जो साफ दर्शाता है कि कंपनी तेजी से मार्केट शेयर पर कब्जा जमा रही है।
प्राइसिंग स्ट्रैटेजी और फ्यूल कॉस्ट
बढ़ती फ्यूल लागतों से निपटने के लिए कंपनी ने उत्तर और दक्षिण भारत में अपने उत्पादों की कीमतों में 12% से 13% की बढ़ोतरी की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य मोरबी के मैन्युफैक्चरर्स के साथ कीमत के अंतर को कम करना है, जो अक्सर कम लागत पर काम करते हैं। इस बदलाव से कंपनी का प्राइस गैप अब 20% से 25% के दायरे में आ गया है, जिससे कॉम्पिटिटिव मार्केट में उनकी स्थिति मजबूत हुई है।
विस्तार और भविष्य की राह
कंपनी ने लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए श्रीकालाहस्ती और गेलपुर में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की योजना पर काम तेज कर दिया है, जिनके जून 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। टाइल्स के अलावा, कंपनी अपने बाथवेयर और एडहेसिव सेगमेंट पर भी जोर दे रही है ताकि रेवेन्यू के नए सोर्स बन सकें।
रिस्क और निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती बरकरार है, लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने कंपनी की मजबूती को देखते हुए अपना नजरिया अपडेट किया है। अब निवेशकों की नजर नए प्लांट्स की प्रोग्रेस और मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर टिकी रहेगी।
