ICICI Securities ने KPIT Technologies पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। यूरोप के बाजारों में सुस्ती और टॉप-2 क्लाइंट्स के खर्च में कटौती से कंपनी के रेवेन्यू पर **13%** तक का असर पड़ने की आशंका है।
चुनौती और जोखिम
ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities ने KPIT Technologies पर अपनी सतर्क राय कायम रखी है और शेयर के लिए ₹580 का टारगेट प्राइस तय किया है। मुख्य समस्या कंपनी के ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर बिजनेस में आ रही डिमांड की कमी है, जो विशेष रूप से यूरोप में देखी जा रही है। सबसे बड़ी चिंता कंपनी के टॉप-2 क्लाइंट्स के खर्च में आई कमी है। ब्रोकरेज के अनुसार, इस कटौती का सीधा असर रेवेन्यू पर 13% तक हो सकता है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
ग्लोबल मार्केट का दबाव
यूरोपीय और पश्चिमी देशों के ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स इन दिनों अपने बजट को लेकर काफी सतर्क हैं। इसका सीधा असर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर पड़ रहा है, जो KPIT जैसे सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कमाई का मुख्य जरिया है। फिलहाल कंपनी के पास ग्रोथ के लिए कोई तात्कालिक 'ट्रिगर' नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे आने वाले समय में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।
रिकवरी के लिए कंपनी की रणनीति
इन दबावों के बावजूद, मैनेजमेंट बिजनेस को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए कंपनी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट और अपने स्पेशलाइज्ड प्रोडक्ट डिवीजन पर जोर दे रही है। साथ ही, मार्जिन सुधारने के लिए AI-led प्रोडक्टिविटी टूल्स का सहारा लिया जा रहा है। रेवेन्यू में विविधता लाने के लिए कंपनी अब जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे एशियाई बाजारों में विस्तार की योजना बना रही है, ताकि पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम की जा सके।
निवेशकों के लिए संकेत
ब्रोकरेज ने अपना टारगेट 19x के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर आधारित किया है। निवेशकों के लिए वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही (H2 FY27) का समय महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि मैनेजमेंट ने तब तक रिकवरी के संकेत दिए हैं। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी पश्चिमी देशों की मंदी की भरपाई अपने नए AI-प्रोजेक्ट्स और एशियाई बाजारों से कैसे करती है।
