KPIT Technologies के Q2 नतीजों ने बाजार की उम्मीदों को मात दी है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है। कंपनी ने 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है, जिसकी मुख्य वजह यूरोपीय कार निर्माताओं की ओर से प्रोजेक्ट्स में देरी है।
उम्मीदों से बेहतर परफॉर्मेंस
KPIT Technologies ने हालिया तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए 12.7% का EBIT मार्जिन दर्ज किया है, जो विश्लेषकों के 11.7% के अनुमान से कहीं बेहतर है। ट्रक और ऑफ-हाइवे सेगमेंट में 17.6% की रेवेन्यू ग्रोथ ने नतीजों को सहारा दिया, जबकि प्रोडक्ट-फोकस्ड बिजनेस में 5% की तिमाही बढ़त देखी गई। इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद Prabhudas Lilladher ने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹520 तो किया है, लेकिन अपनी 'Reduce' रेटिंग को नहीं बदला है।
क्यों बना हुआ है दबाव?
कंपनी के लिए पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट चिंता का बड़ा सबब है। यूरोपीय बाजार में सुस्ती और कार निर्माताओं द्वारा प्रोजेक्ट्स को 2028 से 2029-30 तक टालने के फैसले ने रेवेन्यू कन्वर्जन की रफ्तार धीमी कर दी है। इसके अलावा, कंपनी के जॉइंट वेंचर Qorix का घाटा भी ₹14 करोड़ से बढ़कर ₹15.6 करोड़ हो गया है, जो सीधे तौर पर प्रोजेक्ट्स में देरी का असर दिखाता है।
आगे का रास्ता
कंपनी मैनेजमेंट ने फिस्कल ईयर 2028 तक EBITDA मार्जिन को 20-21% के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, निवेशक अब यह देख रहे हैं कि कंपनी अपने $213 मिलियन के नए डील विन्स को कितनी तेजी से असली कमाई में बदल पाती है।
