KFin Technologies के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी राहत भरा रहा। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है और साथ ही थाईलैंड में बिजनेस लाइसेंस मिलने के बाद स्टॉक में **6%** की बड़ी तेजी देखी गई है।
मुनाफे के बीच मार्जिन का गणित
कंपनी ने इस बार ₹401.8 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 29.9% ज्यादा है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बना है। ये घटकर 40.1% रह गए हैं, जो पिछले साल इसी दौरान 43.9% थे। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹100.3 करोड़ रहा, जिसमें 7.5% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्यों बढ़ रहा है खर्च?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्जिन में कमी की बड़ी वजह बढ़ते हुए ऑपरेशनल खर्च हैं। कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो बढ़कर 59.9% हो गया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण कर्मचारियों से जुड़े खर्चों में आया 43% का बड़ा उछाल है। कंपनी अपनी वर्कफोर्स में लगातार निवेश कर रही है, जिसे लेकर निवेशक थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं।
ब्रोकरेज की राय और आगे का रास्ता
Motilal Oswal Financial Services ने नतीजों को उम्मीद के मुताबिक माना है। हालांकि, उनके मुताबिक इंटरनेशनल सॉल्यूशंस से आने वाले रेवेन्यू में 20% की कमी देखने को मिली है। इसके बावजूद ब्रोकरेज ने शेयर पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹25.7 और वित्त वर्ष 2028 के लिए ₹29.3 का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) प्रोजेक्ट किया है।
अब निवेशकों की नजरें कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो पाएगा कि बढ़ते खर्च एक अस्थाई निवेश का हिस्सा हैं या फिर यह आने वाले समय में मुनाफे पर और असर डालेंगे।
