KEI Industries ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **39%** का इजाफा दर्ज किया है। कंपनी की कुल कमाई **₹37.8 अरब** रही है। हालांकि मार्जिन उम्मीद से थोड़े कम रहे हैं, लेकिन निवेशकों की नजर मार्च 2027 में शुरू होने वाले 'साणंद फेज-II' प्रोजेक्ट पर टिकी है।
KEI Industries ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर बाजार को चौंका दिया है। सालाना आधार पर कंपनी की कमाई में 39% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है और कंपनी ने ₹37.8 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया है। अगर नेट प्रॉफिट की बात करें, तो इसमें 32% का उछाल आया है और यह ₹2.7 अरब तक पहुंच गया है।\n\n### मार्जिन पर दबाव और चुनौतियां\n\nमजबूत टॉप-लाइन नंबर्स के बावजूद ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 10% पर रहा, जो बाजार की उम्मीदों से 1.3% कम है। केबल्स और वायर्स सेगमेंट में बढ़ी हुई लागत का सीधा असर मार्जिन पर दिख रहा है। कच्चा माल जैसे कॉपर और एल्युमिनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे को प्रभावित करने वाला एक अहम कारक बना हुआ है।\n\n### साणंद विस्तार पर सबकी नजर\n\nकंपनी का पूरा फोकस अब अपने 'साणंद फेज-II' फैसिलिटी पर है। मार्च 2027 तक चालू होने वाले इस प्लांट से हाई-वोल्टेज और हाई-टेंशन केबल्स के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह प्लांट कंपनी के रेवेन्यू में ₹15 अरब से ₹17 अरब तक का अतिरिक्त योगदान दे सकता है।\n\n### मजबूत ऑर्डर बुक और ब्रोकरेज की राय\n\nफिलहाल कंपनी के पास ₹49.3 अरब की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें एक्सपोर्ट का हिस्सा ₹9.9 अरब है। अमेरिकी बाजार से मिल रही मांग बिजनेस के लिए एक बड़ा सहारा बनी हुई है। नतीजों के बाद, Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन प्राइस टारगेट को ₹5,670 से घटाकर ₹5,180 कर दिया है। निवेशकों के लिए आने वाले समय में ऑपरेटिंग मार्जिन का 11.5% से 12% के दायरे में वापस आना सबसे बड़ा ट्रिगर होगा।
