Motilal Oswal ने KEC International के टारगेट प्राइस को घटाकर **₹365** कर दिया है। कंपनी के मुनाफे में **81%** की भारी गिरावट और एग्जीक्यूशन में आ रही दिक्कतों के कारण ब्रोकरेज ने यह फैसला लिया है।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने KEC International के टारगेट प्राइस में कटौती कर दी है। हालांकि शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी गई है, लेकिन कंपनी के सामने खड़ी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शेयर फिलहाल ₹316 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके 52-वीक लो के काफी करीब है।
खराब नतीजों का असर
सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 81% गिरकर सिर्फ ₹30 करोड़ रह गया है। मार्जिन पर पड़ रहे दबाव ने कंपनी की कमाई को बुरी तरह प्रभावित किया है।
क्यों नहीं मिल रहा ऑर्डर बुक का फायदा?
कंपनी के पास ₹39,946 करोड़ का शानदार ऑर्डर बुक है, लेकिन यह मुनाफे में नहीं बदल पा रहा है। मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन की बाधाओं और जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
कर्ज और कानूनी संकट
कंपनी का कुल नेट डेट ₹7,793 करोड़ तक पहुंच गया है। वर्किंग कैपिटल साइकिल भी काफी लंबी है, जिसे कैश में बदलने में 155 दिन का समय लग रहा है। इसके अलावा, एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को लेकर चल रही कानूनी जांच और उस पर दाखिल चार्जशीट ने भी निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है।
आगे क्या उम्मीदें?
जानकारों का मानना है कि मार्जिन और वर्किंग कैपिटल में सुधार फाइनेंशियल ईयर 2028 से पहले दिखने की उम्मीद कम है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी इन कानूनी उलझनों को कैसे सुलझाती है और अपने भारी कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है।
