KEC International Share Price: नतीजों का झटका, शेयर **7%** गिरा! ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
KEC International Share Price: नतीजों का झटका, शेयर **7%** गिरा! ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट
Overview

KEC International के शेयर आज कमजोर नतीजों के कारण गिरावट में रहे। कंपनी ने **FY26 की चौथी तिमाही** में **7%** की राजस्व (Revenue) गिरावट दर्ज की, जो **₹63.9 अरब** रहा। सप्लाई चेन की दिक्कतों और मध्य पूर्व संकट के कारण कंपनी को लगभग **₹4 अरब** के राजस्व (Revenue) का नुकसान हुआ।

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नतीजों ने किया निराश, शेयर में आई बड़ी गिरावट

कंपनी के EBITDA मार्जिन भी घटकर 7% पर आ गए, जो पिछले साल इसी तिमाही में 7.8% थे। यह गिरावट मुख्य रूप से जारी सप्लाई चेन की बाधाओं और माल भेजने में देरी के कारण हुई। मध्य पूर्व संकट ने इन समस्याओं को और बढ़ा दिया, जिससे कंपनी को अनुमानित ₹4 अरब के राजस्व (Revenue) का नुकसान हुआ। नतीजों के बाद KEC International का स्टॉक तेजी से गिरा और अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹482.30 के करीब पहुंच गया, जिससे निवेशकों में छोटी अवधि के एग्जीक्यूशन (execution) को लेकर चिंता बढ़ गई।

सेक्टर पर भू-राजनीतिक संकट का साया

हालांकि, KEC के सामने व्यापक चुनौतियाँ हैं। भारत का इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर 2031 तक 8% की सालाना दर से बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से स्टील और बिटुमेन जैसी सामग्रियों की लागत 5-8% बढ़ गई है और लॉजिस्टिक्स बाधित हो रहे हैं। इन सबके बावजूद, KEC के मैनेजमेंट को 12-15% के राजस्व (Revenue) ग्रोथ की उम्मीद है और वे इस साल ₹300 अरब के नए ऑर्डर हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक और L1 पाइपलाइन ₹40,000 करोड़ से अधिक है, जो भविष्य की कमाई का मजबूत संकेत है।

विश्लेषकों की चिंता और टारगेट में कटौती

विश्लेषकों (Analysts) ने कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई है। Prabhudas Lilladher के विश्लेषकों ने धीमी एग्जीक्यूशन (execution) और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण FY27/28 के EPS अनुमानों में 30% से अधिक की कटौती की है। ब्रोकरेज ने यह भी नोट किया कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी की सेल्स ग्रोथ 9.95% रही है और तीन साल का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) सिर्फ 5.81% है। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो भी कम है। वर्तमान में कंपनी का ट्रेलिंग बारह-महीने का P/E रेशियो लगभग 21.43x है, जो इंडस्ट्री एवरेज 22.55x से थोड़ा ऊपर है। इसी के चलते Prabhudas Lilladher ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹748 से घटाकर ₹558 कर दिया है। पिछले एक साल में स्टॉक में लगभग 39.1% की गिरावट आई है।

सावधानी के साथ उम्मीदें, ग्रोथ के फैक्टर

इसके बावजूद, Prabhudas Lilladher ने 'Accumulate' की रेटिंग बरकरार रखी है, क्योंकि उन्हें कंपनी में लंबी अवधि की क्षमता दिखती है। फर्म मार्च 2028 की कमाई के अनुमान पर 14x PE का मल्टीपल लगाकर वैल्यूएशन कर रही है। इस रेटिंग के पीछे मुख्य कारण केबल (Cables) बिजनेस का विस्तार, Transmission & Distribution (T&D) सेगमेंट में मजबूत आउटलुक (खासकर रिन्यूएबल्स में) और मध्य पूर्व, अफ्रीका व CIS देशों में अंतरराष्ट्रीय ग्रोथ है। यह वैल्यूएशन हासिल करने के लिए कंपनी को मैनेजमेंट द्वारा बताई गई 12-15% की राजस्व वृद्धि दर हासिल करनी होगी, मजबूत ऑर्डर लेने होंगे और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर कर एग्जीक्यूशन को बेहतर बनाना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.