Prabhudas Lilladher ने K P R Mill पर अपना नजरिया सकारात्मक किया है और स्टॉक के लिए **₹1,289** का टारगेट दिया है। कंपनी ने हालिया तिमाही में **18.9%** की जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जिसका फायदा टेक्सटाइल और शुगर सेगमेंट को मिला है।
मुनाफे का गणित
K P R Mill के लेटेस्ट नतीजों ने एनालिस्ट्स की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने ₹19,397 मिलियन का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 18.9% ज्यादा है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 25.7% पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की दूसरी तिमाही के मुकाबले 6.4% का बड़ा उछाल है।
सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन
इस शानदार ग्रोथ के पीछे कंपनी के मुख्य बिजनेस का हाथ है:
- टेक्सटाइल सेगमेंट: कंपनी का मुख्य रेवेन्यू ड्राइवर, जिसमें साल-दर-साल 16.6% की ग्रोथ दिखी। इसमें यार्न (Yarn) और फैब्रिक का बिजनेस 20.7% बढ़ा, जबकि गारमेंट सेगमेंट में 11% की बढ़त रही। इसका असर EBIT मार्जिन पर पड़ा, जो बढ़कर 24.9% हो गया।
- शुगर और इथेनॉल: यहाँ भी कंपनी का दबदबा रहा। शुगर रेवेन्यू 26.9% बढ़ा, जिसकी मुख्य वजह शुगर की कीमतों में ₹45.1 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी रही। वहीं, वॉल्यूम में 24.9% की उछाल के कारण इथेनॉल रेवेन्यू में 20.5% का इजाफा हुआ।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
नतीजे तो शानदार रहे, लेकिन ब्रोकरेज हाउस ने एक चेतावनी भी दी है। फाइनेंशियल ईयर 2028 की ओर बढ़ते हुए, कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा जा सकता है। दरअसल, कंपनी अपने बड़े कैपिटल एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर काफी खर्च कर रही है, जिसका असर शॉर्ट टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर हो सकता है।
निवेशकों को अब टेक्सटाइल सेक्टर की डिमांड, शुगर-इथेनॉल की कीमतों में स्थिरता और कंपनी के एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
