Jupiter Life Line Hospitals ने तिमाही नतीजों में बाजी मार ली है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट **16%** बढ़कर **₹110 करोड़** (1.1 बिलियन) पहुंच गया है, जिसने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर अपना भरोसा बनाए रखा है।
मुनाफे की रफ्तार और Dombivli यूनिट का योगदान
कंपनी ने दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। इसका कंसोलिडेटेड EBITDA ₹110 करोड़ रहा, जो कि मार्केट के ₹90.9 करोड़ के अनुमान से काफी बेहतर है। इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी की Dombivli यूनिट का बेहतर प्रदर्शन है, जहाँ पेशेंट ऑक्यूपेंसी और केस की जटिलता बढ़ने के कारण घाटा कम हो रहा है।
ब्रोकरेज का नजरिया और ग्रोथ आउटलुक
नतीजों के बाद Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग कायम रखी है और प्राइस टारगेट को ₹330 पर एडजस्ट किया है। ब्रोकरेज ने अपने वैल्यूएशन मॉडल को सितंबर 2028 तक के लिए अपडेट किया है। इसके अलावा, कंपनी के लिए 2026 से 2028 के बीच ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 16% की CAGR ग्रोथ का अनुमान जताया गया है।
मैनेजमेंट की रणनीति: ऑपरेशनल लेवरेज पर जोर
कंपनी अब पुणे और इंदौर की सुविधाओं में 'ऑपरेटिंग लेवरेज' (operating leverage) हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हॉस्पिटल बिजनेस में इसका मतलब है कि एक ही फिक्स्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक मरीजों का इलाज करके प्रति मरीज लागत को कम करना, जिससे प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होता है। इसके साथ ही, ठाणे फैसिलिटी में 30 से 40 बेड जोड़ने की योजना है, जो रेवेन्यू ग्रोथ को रफ्तार देगी। हालांकि, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कैपेक्स (CAPEX) से जुड़ी चुनौतियां निवेशकों के लिए ट्रैक करने योग्य रहेंगी।
