Jubilant FoodWorks के लिए ब्रोकरेज का 'Buy' कॉल, टारगेट ₹576

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Jubilant FoodWorks के लिए ब्रोकरेज का 'Buy' कॉल, टारगेट ₹576
Overview

प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Jubilant FoodWorks पर 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹576 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने Popeyes के दमदार प्रदर्शन और DP Eurasia में सुधरते रुझानों को सराहा है, हालांकि Coffy में कड़ी प्रतिस्पर्धा का असर दिखा है। कंपनी लागत कम करने और टेक्नोलॉजी में निवेश से मार्जिन बढ़ाने की उम्मीद कर रही है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

प्रभुदास लीलाधर का 'Buy' रेटिंग

प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Jubilant FoodWorks को 'Buy' रेटिंग देने की सलाह दी है, और शेयर के लिए ₹576 का लक्ष्य रखा है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की चौथी तिमाही (FY26) में सेल्स उम्मीद के मुताबिक रही। EBITDA और नेट प्रॉफिट (PAT) ने भी उम्मीदों को पार किया है, जिसका मुख्य कारण बेहतर स्टॉक-मिक्स और कम ओवरहेड्स के चलते ग्रॉस मार्जिन में हुई बढ़ोतरी है।

Popeyes की रफ़्तार बनी सहारा

Popeyes का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 28% की सेल्स ग्रोथ दर्ज की है। उम्मीद है कि यह तेजी फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में भी जारी रहेगी। DP Eurasia का प्रदर्शन भी सुधरा है, और यह अब अधिग्रहण से जुड़े कर्ज को चुकाने के लिए पर्याप्त कैश उत्पन्न कर रहा है।

Domino's को प्रतिस्पर्धा से चुनौती

हालांकि Domino's की सेल्स ठीक-ठाक बनी हुई है, लेकिन Coffy में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते इसके प्रदर्शन पर असर पड़ा है। कंपनी का प्रबंधन (Management) उम्मीद कर रहा है कि Popeyes निकट भविष्य में कंपनी की कुल ग्रोथ में 1% से 1.5% का योगदान देगा। Jubilant FoodWorks के पास फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए बड़े विस्तार की योजनाएं हैं, जिसमें Popeyes स्टोर्स सहित लगभग 300 नए आउटलेट खोलने का लक्ष्य है।

मार्जिन विस्तार की उम्मीद

वेतन वृद्धि (Wage inflation) और भू-राजनीतिक मुद्दों (geopolitical issues) के कारण मार्जिन पर अल्पावधि में दबाव आ सकता है। हालांकि, कंपनी का प्रबंधन फाइनेंशियल ईयर 2024 के एडजस्टेड EBITDA पर लगभग 200 बेसिस पॉइंट (Basis Points) की EBITDA मार्जिन बढ़ोतरी हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। यह ग्रोथ ऑपरेटिंग लेवरेज (operating leverage) और सप्लाई चेन (supply chain) में सुधार से आएगी। प्रभुदास लीलाधर का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 26 से 28 के बीच औसत टिकट वैल्यू (average ticket value) बढ़ने, सप्लाई चेन की कार्यक्षमता में सुधार और टेक्नोलॉजी निवेश के फायदों से EBITDA मार्जिन में अतिरिक्त 90 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होगी।

कमाई का अनुमान

ब्रोकरेज का अनुमान है कि Jubilant FoodWorks के स्टैंडअलोन EPS (Earnings Per Share) में फाइनेंशियल ईयर 26 से 28 के बीच 33.1% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिलेगा। स्टैंडअलोन बिजनेस के लिए FY28 EV/EBITDA मल्टीपल (Multiple) को 26x पर इस्तेमाल करने पर प्रति शेयर ₹508 का वैल्यूएशन मिलता है। DP Eurasia के लिए CY26 की कमाई और 22x PAT मल्टीपल के आधार पर ₹68 प्रति शेयर अतिरिक्त जोड़ा गया है। Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन के आधार पर टारगेट प्राइस ₹576 आता है, जो पिछले ₹584 से मामूली गिरावट है। प्रभुदास लीलाधर का मानना है कि Jubilant FoodWorks क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में उपभोक्ता खर्च में अपेक्षित रिकवरी का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.