Jio Platforms के मच अवेटेड IPO पर ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने अपनी राय जाहिर की है। कंपनी को 'सब्सक्राइब - लॉन्ग टर्म' रेटिंग दी गई है और इसका मार्केट कैप **₹10.3 लाख करोड़** के करीब आंका गया है।
Jio Platforms के आने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पर बाजार की नजरें टिकी हैं। ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस इश्यू पर अपनी पहली रिपोर्ट जारी करते हुए इसे 'सब्सक्राइब - लॉन्ग टर्म' रेटिंग दी है। कंपनी की वैल्यूएशन की बात करें, तो इसका मार्केट कैप ₹10,304,905 मिलियन तय किया गया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से, कंपनी 34.3 के FY26 प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो और 14.8 के EV/EBITDA पर ट्रेड कर रही है।
बड़े पैमाने पर मौजूदगी
2019 में शुरुआत के बाद से ही Jio Platforms ने तेजी से विस्तार किया है। 30 जून 2026 तक, इसकी मुख्य सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Limited के पास 533.3 मिलियन का बड़ा सब्सक्राइबर बेस है। यह विशाल यूजर बेस कंपनी के बिजनेस की रीढ़ है, जो इसे सिर्फ कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज डिजिटल सॉल्यूशंस जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट में ले जा रहा है।
भविष्य की रणनीति
कंपनी अब अपना ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और क्लाउड सिक्योरिटी जैसे सेगमेंट्स पर लगा रही है। अपनी प्रोपराइटरी सॉफ्टवेयर तकनीक के दम पर कंपनी एंटरप्राइज सर्विसेज मार्केट में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश में है। मैनेजमेंट की योजना अपने मौजूदा विशाल यूजर बेस को ये सर्विसेज क्रॉस-सेल करके एक मजबूत रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने की है।
कॉम्पिटिशन और रिस्क फैक्टर्स
हालांकि कंपनी की स्थिति मजबूत है, लेकिन इसे Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि टेलीकॉम सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेक्ट्रम के लिए भारी खर्च की जरूरत होती है। इसके अलावा, टेलीकॉम टैरिफ और डिजिटल पॉलिसी को लेकर सरकारी नियम भी ग्रोथ की राह में अहम भूमिका निभाते हैं। अब निवेशकों को 'रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' (RHP) का इंतजार है, जिससे कंपनी के कर्ज और IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
