Jio Platforms IPO: निवेश के लिए तैयार! **₹11 लाख करोड़** की वैल्यूएशन पर खुलेगा इश्यू, RIL के निवेशकों को होगा फायदा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jio Platforms IPO: निवेश के लिए तैयार! **₹11 लाख करोड़** की वैल्यूएशन पर खुलेगा इश्यू, RIL के निवेशकों को होगा फायदा

Jio Platforms अपना बहुप्रतीक्षित IPO **21 अक्टूबर** से **23 अक्टूबर 2026** तक लाने की तैयारी में है। **₹11 लाख करोड़** की वैल्यूएशन वाले इस इश्यू को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने बड़ी उम्मीद जताई है कि इससे पैरेंट कंपनी Reliance Industries के स्टॉक को री-रेटिंग का फायदा मिल सकता है।

IPO की टाइमलाइन और टारगेट

Jio Platforms, जो कि Reliance Industries का डिजिटल और टेलीकॉम आर्म है, अब शेयर बाजार में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 तक निवेशकों के पास आवेदन का मौका होगा। स्टॉक की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को होने की उम्मीद है। कंपनी ने अपनी वैल्यूएशन करीब $114 बिलियन यानी ₹11 लाख करोड़ तय की है।

RIL के निवेशकों के लिए 'वैल्यू अनलॉकिंग'

मार्केट एक्सपर्ट्स और Motilal Oswal Financial Services का मानना है कि यह लिस्टिंग Reliance Industries के लिए गेम-चेंजर हो सकती है। फिलहाल RIL 'होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट' के चलते अपने वास्तविक मूल्य से कम पर ट्रेड कर रही है। Jio Platforms के अलग लिस्ट होने से इस डिजिटल बिजनेस की सीधी वैल्यूएशन मार्केट में दिखाई देगी, जिससे होल्डिंग कंपनी के डिस्काउंट को कम करने और शेयर की कीमतों में सुधार की संभावना है।

कर्ज कम करने पर जोर

IPO के फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल टेलीकॉम डिवीजन के कर्ज को चुकाने में किया जाएगा। यह कदम बहुत अहम है क्योंकि टेलीकॉम सेक्टर में भारी निवेश की जरूरत होती है। जून 2026 तिमाही में Reliance Industries का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹54,067 करोड़ रहा, जिसमें अकेले Jio Platforms का योगदान ₹20,865 करोड़ था।

निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें

बाजार के मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। पहले के अनुमान $130-$170 बिलियन थे, लेकिन अब $114 बिलियन की वैल्यूएशन संकेत देती है कि कंपनी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर सतर्क है। इसके अलावा, Reliance Industries के ROE (10.95%) और ROCE (12.17%) पर भी नजर रखना जरूरी है, जो अपने पियर्स की तुलना में थोड़े धीमे हैं।

वहीं, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर एनर्जी और पेट्रोकेमिकल ऑपरेशंस पर पड़ सकता है। आने वाले समय में टेलीकॉम सेक्टर में मार्जिन बढ़ाने के लिए दिसंबर 2026 तक स्मार्टफोन टैरिफ में 15% तक की बढ़ोतरी की भी उम्मीद है, जो इस सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.