Jindal Steel & Power: Q2 रेवेन्यू में **43%** का बड़ा उछाल, क्या बढ़ती लागत बिगाड़ेगी मुनाफा?

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AuthorMehul Desai|Published at:
Jindal Steel & Power: Q2 रेवेन्यू में **43%** का बड़ा उछाल, क्या बढ़ती लागत बिगाड़ेगी मुनाफा?

Jindal Steel & Power ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹167 बिलियन** तक पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर **43%** की भारी बढ़त है। हालांकि, कोकिंग कोल की बढ़ती कीमतों ने मार्जिन पर दबाव जरूर बनाया है।

मुनाफे पर लागत की मार

कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹25.7 बिलियन का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया है। स्टील सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पैमाना 'EBITDA प्रति टन' होता है, जहां JSPL ने ₹10,800 प्रति टन का आंकड़ा छुआ है, जो कि ₹9,800 के अनुमान से बेहतर है। हालांकि, कोकिंग कोल की कीमतों में प्रति टन $12 से $14 की बढ़ोतरी ने कंपनी के मार्जिन को प्रभावित किया है। यह ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की अस्थिरता को दर्शाता है, जहां कच्चा माल महंगा होने से सीधे मुनाफा प्रभावित होता है।

ब्रोकरेज की राय (Brokerage Radar)

Motilal Oswal जैसे ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के बिजनेस मॉडल और वॉल्यूम ग्रोथ की तारीफ की है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर पॉजिटिव रुख बनाए रखते हुए ₹1,270 का टारगेट प्राइस दिया है। ये अनुमान फाइनेंशियल ईयर 2028 के प्रोजेक्शन और 6.7x EV/EBITDA वैल्यूएशन पर आधारित हैं।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

स्टील सेक्टर काफी साइक्लिकल होता है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या कंपनी कच्चे माल की लागत को अपने ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं। इसके अलावा, कंपनी का कर्ज प्रबंधन (Debt management) और क्षमता विस्तार (Capacity expansion) की योजनाएं भविष्य की ग्रोथ तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.