Jefferies का बड़ा दावा: LTCG टैक्स में कटौती से बाजार में लौट सकता है विदेशी निवेश

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AuthorAditya Rao|Published at:
Jefferies का बड़ा दावा: LTCG टैक्स में कटौती से बाजार में लौट सकता है विदेशी निवेश

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies का मानना है कि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में कटौती से भारतीय बाजार से बाहर गए **$110 बिलियन** के विदेशी फंड को वापस लाने में मदद मिल सकती है।

विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद

अप्रैल 2025 के बाद से भारतीय शेयर बाजार से लगभग $110 बिलियन की पूंजी बाहर निकल चुकी है। इस भारी बिकवाली ने न केवल रुपये पर दबाव डाला है, बल्कि बाजार के सेंटीमेंट को भी प्रभावित किया है। ब्रोकरेज फर्म Jefferies का कहना है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) वर्तमान में भारतीय शेयरों में अपनी ऐतिहासिक औसत से 0.3 प्रतिशत कम एक्सपोजर बनाए हुए हैं। अगर सरकार LTCG टैक्स नियमों में राहत देती है, तो यह विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए बड़ा प्रोत्साहन साबित हो सकता है।

कौन से सेक्टर हैं रडार पर?

बिकवाली का सबसे ज्यादा असर फाइनेंशियल सेक्टर पर पड़ा है, जहां अक्टूबर 2024 से सितंबर 2026 के बीच $16 बिलियन का नेट आउटफ्लो देखा गया है। इसके अलावा, आईटी और कंज्यूमर स्टेपल्स से भी $10-10 बिलियन की निकासी हुई है। Jefferies के अनुसार, ये सेक्टर अब 'ओवरसोल्ड' जोन में हैं और लार्ज-कैप स्टॉक्स मिड-कैप के मुकाबले 23% के वैल्युएशन डिस्काउंट पर मिल रहे हैं, जो निवेश का एक आकर्षक अवसर हो सकता है।

सरकार के सामने चुनौती

हालांकि, टैक्स कटौती का फैसला इतना आसान नहीं होगा। फाइनेंशियल ईयर 2025 में LTCG और सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से होने वाली कमाई कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का 8% रही है। टैक्स में किसी भी तरह की कटौती से सरकारी खजाने पर असर पड़ेगा, जिसे कवर करने के लिए सरकार को अन्य वित्तीय उपाय तलाशने होंगे। फिलहाल, किसी भी नीतिगत बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन निवेशक अब बजट और सरकारी बयानों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.