ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। कंपनी अब भारतीय घरों में मौजूद गोल्ड वेल्थ का फायदा उठाने के लिए Manappuram Finance जैसे शेयरों पर बड़ा दांव लगा रही है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करते हुए 'गोल्ड वेल्थ इफेक्ट' को भुनाने की रणनीति बनाई है। फर्म के मुताबिक, भारतीय घरों में करीब $3.9 ट्रिलियन का सोना जमा है। इस निष्क्रिय संपत्ति को गोल्ड-लोन के जरिए फॉर्मल फाइनेंशियल सिस्टम में लाने से इकोनॉमी को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
गोल्ड-लोन मार्केट पर फोकस
इस रणनीति का मुख्य केंद्र Manappuram Finance है। पिछले दो सालों में गोल्ड-लोन मार्केट में 73% का उछाल आया है। फिलहाल भारतीय परिवारों के कुल सोने का केवल 15% हिस्सा ही कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल होता है, जिससे ग्रोथ की अपार संभावनाएं बनी हुई हैं।
पोर्टफोलियो में बदलाव
Jefferies ने Navin Fluorine को भी शामिल किया है, जिसके लिए 23% CAGR का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा, मास-मार्केट कंजम्पशन के लिए Meesho और चांदी की बढ़ती कीमतों का फायदा लेने के लिए Hindustan Zinc को भी पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाया गया है। इन नए निवेशों के लिए फंड जुटाने के लिए Bajaj Finance में हिस्सेदारी घटाई गई है और Ambuja Cements व Jindal Stainless से पूरी तरह एग्जिट किया गया है। हालांकि, इन शेयरों पर ब्रोकरेज की 'Buy' रेटिंग बरकरार है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)
इस रणनीति के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। RBI द्वारा गोल्ड-लोन के लिए लाए गए नए सख्त ड्राफ्ट गाइडलाइन्स NBFCs के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकते हैं। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2026 में गोल्ड इम्पोर्ट बढ़कर $79 बिलियन तक पहुंच गया है, जो देश के बैलेंस ऑफ पेमेंट पर दबाव डालता है। निवेशकों को सोने की कीमतों में होने वाली उठा-पटक और रेगुलेटरी अपडेट्स पर कड़ी नजर रखने की सलाह है।
