Vodafone Idea: ब्रोकरेज फर्म Jefferies का बड़ा दांव, शेयर पर दी 'Buy' रेटिंग और तय किया ₹20 का टारगेट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Vodafone Idea: ब्रोकरेज फर्म Jefferies का बड़ा दांव, शेयर पर दी 'Buy' रेटिंग और तय किया ₹20 का टारगेट

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने Vodafone Idea पर कवरेज शुरू कर दी है। कंपनी को **'Buy'** रेटिंग देते हुए **₹20** का टारगेट प्राइस रखा गया है, जो मौजूदा स्तर से करीब **30%** की उछाल की ओर इशारा करता है।

हाई-वैल्यू सब्सक्राइबर्स पर कंपनी का जोर

Vodafone Idea फिलहाल अपने कस्टमर बेस में बदलाव लाने पर फोकस कर रही है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी ने अपने हाई-वैल्यू सब्सक्राइबर्स का शेयर 2021 के 43% से बढ़ाकर मार्च 2026 तक 67% कर लिया है। 4G और 5G नेटवर्क विस्तार में भारी निवेश के जरिए कंपनी इन ग्राहकों को बनाए रखने और नेट-चर्न (ग्राहक छोड़ने की दर) को कम करने की कोशिश कर रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह रणनीति फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2029 के बीच 11% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट करेगी।

ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और मार्जिन में सुधार

वित्तीय अनुमान बताते हैं कि कंपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी की ओर बढ़ रही है। जैसे-जैसे रेवेन्यू बढ़ेगा, कैश EBITDA मार्जिन में मजबूत उछाल आने की उम्मीद है। अगले तीन वर्षों में ये मार्जिन 840 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 29% तक पहुंच सकते हैं। ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा मिलने से फिक्स्ड कॉस्ट का असर कम होगा और मुनाफा बढ़ेगा। एनालिस्ट्स का मानना है कि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कम होने के बाद फाइनेंशियल ईयर 2030 तक मार्जिन में और सुधार देखने को मिल सकता है।

फंडिंग की चुनौतियां और इंडस्ट्री रिस्क

कंपनी के सामने भविष्य की वित्तीय राह काफी महत्वपूर्ण है। फाइनेंशियल ईयर 2030 में कंपनी को लगभग ₹16,000 करोड़ के इक्विटी इन्फ्यूजन की जरूरत पड़ सकती है। अगर यह सफल रहता है, तो सरकार द्वारा ₹15,300 करोड़ की स्पेक्ट्रम देनदारियों को इक्विटी में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे कर्ज का बोझ कम होगा।

Vodafone Idea के लिए सबसे बड़ी ताकत 'प्राइसिंग पावर' है। ब्रोकरेज ने गौर किया है कि कंपनी की इक्विटी वैल्यू मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी के प्रति बेहद संवेदनशील है। हर 10% की इंडस्ट्री रेट बढ़ोतरी से कंपनी की इक्विटी वैल्यू में 34% का उछाल आ सकता है। हालांकि, टैरिफ बढ़ाने में देरी या मांग में सुस्ती अभी भी एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.