ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सोने की बढ़ती कीमतों ने घरों में रखे **$3.9 ट्रिलियन** के खजाने को खोल दिया है। इस निष्क्रिय संपत्ति को फॉर्मल क्रेडिट सिस्टम में लाने से GDP में **80 से 100 बेसिस पॉइंट्स** तक का उछाल आ सकता है।
सोने से अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
मार्च 2026 तक के आंकड़ों पर गौर करें, तो भारतीय घरों में जमा सोने की वैल्यू लगभग $3.9 ट्रिलियन आंकी गई है। आमतौर पर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के लिए सोना सिर्फ एक बचत का साधन रहा है, लेकिन अब यह एक बड़ी आर्थिक ताकत बन सकता है। Jefferies का मानना है कि यदि इस सोने को गोल्ड लोन के जरिए औपचारिक बैंकिंग सिस्टम में लाया जाए, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा 'टेलविंड' साबित होगा।
Gold Financiers के लिए बड़ा मौका
इस बदलाव का सीधा फायदा गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों को मिल रहा है। Jefferies ने अपनी मॉडल पोर्टफोलियो में गोल्ड फाइनेंशियर्स को जगह दी है और खास तौर पर Manappuram Finance का जिक्र किया है। कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के रेवेन्यू में गोल्ड-बेस्ड लेंडिंग का हिस्सा करीब 82% रहा है। जैसे-जैसे लोग अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए सोने को गिरवी रखकर लोन लेंगे, इन कंपनियों की डिमांड और ग्रोथ में तेजी की उम्मीद है।
आर्थिक चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, यह चमकता हुआ रास्ता जोखिमों से खाली नहीं है। भारत का गोल्ड इंपोर्ट पर निर्भरता बनी हुई है, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में करीब $72 बिलियन तक पहुंच गया। ज्यादा इंपोर्ट के कारण करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) का दबाव बढ़ सकता है, जो रुपए की चाल और देश की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई तो यह 'वेल्थ इफेक्ट' भी कमजोर पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो कोलैटरल वैल्यू घटने से लोन लेने वालों की क्षमता पर असर पड़ेगा। साथ ही, अगर सोने की खपत से अर्थव्यवस्था में असंतुलन पैदा हुआ, तो भविष्य में सरकार या सेंट्रल बैंक की ओर से सख्ती या रेगुलेटरी हस्तक्षेप की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों को यह देखना होगा कि घरों में रखा सोना कितनी तेजी से फॉर्मल क्रेडिट के रूप में बदल रहा है। गोल्ड लोन की ग्रोथ पर नजर रखें और कंपनियों के मैनेजमेंट से लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो पर आने वाली कमेंट्री को ध्यान से सुनें।
