Jefferies की ताजा रिपोर्ट ने मार्केट में हलचल मचा दी है। अनुमान है कि AI-लिंक्ड शेयरों की अर्निंग ग्रोथ 2026 के **100%** से लुढ़ककर 2028 तक महज **22%** रह जाएगी।
ग्रोथ में आएगी बड़ी गिरावट
जेफरीज के एनालिस्ट्स का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों का 'हाइपर-ग्रोथ' फेज अब ढलान पर है। MSCI AC वर्ल्ड इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, इन स्टॉक्स की अर्निंग ग्रोथ 2026 में 100% रहने के बाद 2027 में घटकर 30% और 2028 तक 22% पर आ सकती है।
वैल्युएशन का गणित और रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय इन शेयरों का महंगा वैल्युएशन है। ग्लोबल AI स्टॉक्स फिलहाल 23 गुना (23x) के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि अन्य सेक्टर महज 13 गुना पर उपलब्ध हैं। यह बड़ा अंतर दर्शाता है कि बाजार ने भविष्य के लिए बहुत ज्यादा उम्मीदें पाल ली हैं, जो शायद हकीकत में न बदलें। अगर अर्निंग्स उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बड़े प्लेयर्स पर नजर
हालांकि जेफरीज का नजरिया सतर्क है, फिर भी वे कुछ प्रमुख कंपनियों जैसे Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC), Samsung Electronics और SK Hynix में अपनी स्थिति बनाए हुए हैं। ये कंपनियां MSCI AC एशिया एक्स-जापान इंडेक्स में 32% से ज्यादा का वेटेज रखती हैं, इसलिए इंस्टीट्यूशनल निवेशकों को अनचाहे ही इन चिपमेकर्स के साथ बने रहना पड़ता है।
अब बाजार का फोकस केवल 'AI ग्रोथ' से हटकर कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन और सस्टेनेबिलिटी पर शिफ्ट हो रहा है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे किसी भी शेयर में एंट्री करने से पहले उसके वैल्युएशन को जरूर जांच लें।
