Jefferies का मानना है कि भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में विदेशी निवेश का दौर फिर शुरू हो सकता है। जैसे-जैसे घरेलू कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ ग्लोबल मार्केट के करीब पहुंचेगी, निवेशकों का रुझान बढ़ना तय है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर **2028** तक अर्निंग्स ग्रोथ **14%** तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन फिलहाल ग्लोबल फैक्टर्स के कारण FPIs का दबाव बना हुआ है।
भारतीय फाइनेंशियल स्टॉक्स के लिए आने वाला समय बदलाव का हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म Jefferies की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह सेक्टर पिछले कुछ समय से ग्लोबल मार्केट के मुकाबले पीछे रहा है, लेकिन अब अर्निंग्स के बढ़ते आंकड़े इस ट्रेंड को बदल सकते हैं।
अर्निंग्स में सुधार की उम्मीद
बीते दो सालों में MSCI ACWI Financials Index में 46% की जबरदस्त तेजी आई है, जबकि भारतीय फाइनेंशियल स्टॉक्स में 9% की गिरावट दर्ज की गई है। इस फासले को कम करने के लिए भारतीय लेंडर्स अब तैयार दिख रहे हैं। Jefferies के अनुसार, FY26 में अर्निंग्स-पर-शेयर ग्रोथ 7% रही थी, जो FY27 में 9% और FY28 तक 14% तक पहुंच सकती है।
विदेशी निवेशकों का हाल
लंबी अवधि की उम्मीदों के बीच, शॉर्ट टर्म में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का रुख थोड़ा नरम है। सितंबर 2026 की शुरुआत में FPIs ने भारतीय बाजार से ₹7,443 करोड़ की बिकवाली की है। इसकी मुख्य वजह US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर जैसे ग्लोबल फैक्टर्स हैं।
Jefferies की टॉप पिक्स
ब्रोकरेज ने बैंक के चयन पर भी मुहर लगाई है:
- लार्ज-कैप: ICICI Bank, State Bank of India, और Axis Bank पर भरोसा जताया है।
- मिड-कैप: AU Small Finance Bank और IndusInd Bank को अपनी पसंद बताया है।
इसके अलावा, निवेशक बैंकिंग सेक्टर में होने वाले CEO बदलावों और एसेट क्वालिटी पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। आने वाले समय में ये स्टॉक्स विदेशी निवेशकों को लुभा पाएंगे या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हमारी अर्निंग्स ग्रोथ ग्लोबल हेडविंड्स के बावजूद कैसी रहती है।
