ग्लोबल मार्केट में AI और सेमीकंडक्टर शेयरों की धूम के बीच Jefferies के Christopher Wood ने भारत पर अपनी रणनीति साफ कर दी है। वे फिलहाल न्यूट्रल हैं, लेकिन AI रैली का पीक आते ही भारत में अपना एलोकेशन बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
भारत की ग्रोथ पर भरोसा, लेकिन अभी इंतजार
Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी Christopher Wood का मानना है कि फिलहाल ग्लोबल फंड्स का एक बड़ा हिस्सा ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में AI और सेमीकंडक्टर की होड़ के कारण डायवर्ट हो गया है। उनका कहना है कि जैसे ही ग्लोबल सेमीकंडक्टर ट्रेड की रफ्तार कम होगी, पैसा वापस भारतीय बाजारों की ओर रुख करेगा। Wood ने अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार से 15% सालाना रिटर्न की उम्मीद जताई है, बशर्ते कोई बड़ा जियोपॉलिटिकल संकट न आए।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
अगस्त 2026 में Wood ने अपने इंडिया पोर्टफोलियो को पूरी तरह से रीशफल किया है। उन्होंने पोर्टफोलियो में MCX, Lenskart और Bajaj Finance जैसे नए नाम जोड़े हैं। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने HDFC Bank, PB Fintech और REC से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। यह बदलाव उनके चयनात्मक (Selective) नजरिए को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
Wood ने कुछ अहम जोखिमों की तरफ भी इशारा किया है। सितंबर 2026 में अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5% के स्तर पर पहुंचना इमर्जिंग मार्केट्स के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, उन्होंने AI सेक्टर में हो रहे भारी खर्च और उससे मिलने वाले रिटर्न पर भी सवाल उठाए हैं। घरेलू स्तर पर सबसे बड़ा रिस्क म्यूचुअल फंड्स के माध्यम से आने वाला रिटेल फ्लो है; यदि इसमें कमी आती है, तो बाजार में बड़ी गिरावट (Volatility) देखने को मिल सकती है।
