ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो में Manappuram Finance और MCX को शामिल किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के **$3.9 ट्रिलियन** के गोल्ड मार्केट में छुपी अपार संभावनाओं का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा।
गोल्ड मार्केट का बदलता गणित
ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने 28 अगस्त, 2026 को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए गोल्ड सेक्टर को नई प्राथमिकता दी है। भारत के परिवारों के पास करीब $3.9 ट्रिलियन का गोल्ड जमा है, लेकिन इसमें से केवल 15% का उपयोग ही लोन के लिए गिरवी के तौर पर किया जाता है। Jefferies का मानना है कि सोने की बढ़ती कीमतों के कारण अब लोग अपने रखे हुए सोने को क्रेडिट के रूप में इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा प्रेरित होंगे।
Manappuram और MCX क्यों हैं खास?
Manappuram Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 57% की शानदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं, MCX के लिए सोने के बाजार में बढ़ती हलचल वॉल्यूम बढ़ाने वाली साबित होगी।
जोखिम और चुनौतियां (Key Risks)
हालांकि निवेश का नजरिया सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को कुछ अहम बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- गोल्ड प्राइस वोलेटिलिटी: सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट आने पर गिरवी रखे गए गोल्ड की वैल्यू कम हो सकती है, जिसका असर कंपनियों की एसेट क्वालिटी पर पड़ सकता है।
- कंपटीशन का दबाव: गोल्ड लोन सेक्टर में Muthoot Finance और IIFL Finance जैसी कंपनियों और बैंकों से कड़ा मुकाबला है। इससे मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि ग्राहकों को लुभाने के लिए ब्याज दरों में कटौती करनी पड़ सकती है।
अंत में, भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट और सोने का इंपोर्ट भी अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर असर डालता है, जिस पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी होगा।
