JSW Steel ने Q2 FY27 के लिए **₹545 अरब** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ गया है। हालांकि, इनपुट कॉस्ट का दबाव मार्जिन पर दिख रहा है और कंपनी के स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण नतीजों का विश्लेषण अब और बारीकी से करना होगा।
उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन
JSW Steel ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार मजबूती दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू ₹545 अरब रहा, जो कि मार्केट के ₹486 अरब के अनुमान से काफी अधिक है। सालाना आधार पर देखें तो यह 31% की ग्रोथ है और तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी 15% की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रही है। इस ग्रोथ के पीछे कंपनी के कोर ऑपरेशंस का मजबूत वॉल्यूम रहा है।
मार्जिन पर दबाव
बड़ी रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, कंपनी को मुनाफे के मोर्चे पर चुनौती का सामना करना पड़ा है। इस तिमाही में एडजस्टेड EBITDA ₹99.4 अरब रहा, लेकिन प्रति टन एडजस्टेड EBITDA में 11% की गिरावट आई है। इसकी बड़ी वजह कोकिंग कोल (coking coal) की बढ़ती कीमतें और स्टील की कीमतों में नरमी है। यह निवेशकों के लिए एक संकेत है कि वॉल्यूम और रॉ मटेरियल की लागत के बीच संतुलन बनाए रखना अभी बड़ी चुनौती है।
अहम बदलाव: Bhushan Power और Steel
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मार्च 2026 से Bhushan Power and Steel Ltd (BPSL) के डी-कंसोलिडेशन के बाद कंपनी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर बदल गया है। इस बदलाव की वजह से पिछले साल से सीधी तुलना करना थोड़ा पेचीदा है। Motilal Oswal Financial Services के एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी की असल परफॉर्मेंस को समझने के लिए प्रो-फॉर्मा (pro-forma) एडजस्टमेंट देखना जरूरी है।
ब्रोकरेज का क्या है नजरिया?
ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने शेयर पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,460 का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी फिलहाल अपने FY28 के अनुमानित EV/EBITDA रेशियो के 6.9 गुना पर ट्रेड कर रही है। ब्रोकरेज का भरोसा कंपनी के लंबे समय के वॉल्यूम और उसके बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता पर टिका हुआ है।
अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी होंगी कि क्या कंपनी रॉ मटेरियल की कीमतों में होने वाली उठा-पटक को मैनेज कर पाती है और कैसे अपनी प्रोडक्शन कॉस्ट को ऑप्टिमाइज करती है।
