ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने JSW Steel पर अपना रुख बदलकर 'Buy' रेटिंग दी है। कंपनी के शानदार Q2 नतीजों और ऑटो-रिन्यूएबल सेक्टर से मिली मजबूत डिमांड के चलते यह फैसला लिया गया है, हालांकि बढ़ते रॉ मटेरियल कॉस्ट पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
Prabhudas Lilladher ने JSW Steel को अब 'Buy' रेटिंग दे दी है। यह फैसला फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद आया है, जिसमें कंपनी ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालातों के बावजूद शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाई है।
वॉल्यूम और डिमांड का हाल
कंपनी का कंसोलिडेटेड वॉल्यूम सालाना आधार पर 15% बढ़कर 7.46 मिलियन टन पहुंच गया है। एक्सपोर्ट में भी 35% की जबरदस्त बढ़त देखी गई है, जो 0.98 मिलियन टन रहा। घरेलू स्तर पर ऑटोमोटिव, अप्लायंसेज और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में डिमांड क्रमशः 36%, 28% और 14% बढ़ी है।
मार्जिन पर दबाव का डर
वॉल्यूम बढ़ने के बावजूद कंपनी मार्जिन के दबाव से जूझ रही है। लॉन्ग स्टील प्रोडक्ट्स में कीमतों में कमी के कारण नेट सेल्स रियलाइजेशन 3.6% गिरा है। सबसे बड़ी चिंता कच्चे माल की लागत है—कोकिंग कोल का खर्च इस तिमाही में US$10 प्रति टन बढ़ा है और मैनेजमेंट को आगे US$25 प्रति टन की और बढ़ोतरी की आशंका है। अगर कंपनी इन बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पाती है, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
बड़े निवेश और फ्यूचर प्लान
विकास को गति देने के लिए JSW Steel ने भारी भरकम निवेश की योजना बनाई है। कंपनी उत्कल फैसिलिटी में 5 मिलियन टन सालाना क्षमता बढ़ाने के लिए ₹162 अरब और एफिशिएंसी सुधारने के लिए ₹70 अरब का निवेश करेगी। ये प्रोजेक्ट्स 2031 तक 25 मिलियन टन अतिरिक्त क्षमता जोड़ने के बड़े लक्ष्य का हिस्सा हैं।
फिलहाल स्टॉक अपने हालिया हाई से 12% नीचे ट्रेड कर रहा है। स्टील सेक्टर की संवेदनशीलता को देखते हुए, निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ते इनपुट कॉस्ट और अपने बड़े एक्सपेंशन टारगेट्स के बीच मुनाफे का संतुलन कैसे बनाए रखती है।
