ऑपरेशनल परफॉरमेंस और प्रॉफिट में गिरावट
JSW Infrastructure की Q4 FY26 की परफॉरमेंस मिली-जुली रही। कंपनी का रेवेन्यू 18.6% बढ़कर ₹1,522 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि ऑपरेशनल EBITDA 13% बढ़कर ₹705 करोड़ रहा। यह ग्रोथ खास तौर पर सहायक सेवाओं (ancillary services), प्राइस एडजस्टमेंट और लॉजिस्टिक्स में विस्तार की वजह से हुई। लेकिन, नेट प्रॉफिट 18% घटकर ₹418 करोड़ पर आ गया। इसके पीछे मुख्य कारण एकमुश्त खर्चे थे, जिनमें फुजैराह टर्मिनल में आग लगने से ₹68 करोड़ का नुकसान और ₹43 करोड़ का अनरियलाइज्ड फॉरेन एक्सचेंज लॉस शामिल है। इसके अलावा, थर्ड-पार्टी कार्गो का शेयर घटकर 46% रह गया, जो पिछले साल 50% था।
क्षमता विस्तार और लॉजिस्टिक्स में ग्रोथ
इस दौरान, कंपनी की पोर्ट क्षमता बढ़कर 183 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) हो गई है। लॉजिस्टिक्स सेगमेंट ने भी शानदार ग्रोथ दिखाई है, वित्त वर्ष 2026 में इसकी कमाई लगभग तीन गुना हो गई। कंपनी का मार्केट कैप मई 2026 की शुरुआत में लगभग ₹59,500-₹60,000 करोड़ के आसपास था, और शेयर ₹283-₹285 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। JSW Infrastructure का P/E रेशियो अभी 37-39 गुना है, जो थोड़ा ज्यादा माना जा रहा है।
सेक्टर की तेजी और क्रेडिट रेटिंग
पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर सरकारी पहलों और ग्रोथ के कारण मजबूत स्थिति में है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर के 10.7% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। JSW Infrastructure को हाल ही में Fitch Ratings ने 'BBB-' की निवेश ग्रेड रेटिंग दी है, जो कंपनी की वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह रेटिंग कंपनी के लिए भविष्य में फंड जुटाने की राह आसान करेगी।
एनालिस्ट्स की राय और चिंताएं
विश्लेषक (Analysts) आम तौर पर JSW Infrastructure पर पॉजिटिव बने हुए हैं। Prabhudas Lilladher ने अपने टारगेट प्राइस को घटाकर ₹342 कर दिया है, लेकिन 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। Investing.com के सर्वे के अनुसार, 16 विश्लेषकों ने 'Buy' की सलाह दी है, जिनका औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹334.75 है, जो करीब 18% की अपसाइड दिखाता है। ICICI Securities ने ₹365 का टारगेट दिया है, जबकि Kotak ने भी अपना आउटलुक सुधारा है। हालांकि, कुछ चिंताएं भी हैं, जैसे कि मार्जिन वाले थर्ड-पार्टी कार्गो का कम होता शेयर और पिछले साल की तुलना में EBITDA मार्जिन में गिरावट।
डेट मैनेजमेंट और भविष्य का अनुमान
Debt की बात करें तो, कंपनी का डेट लीवरेज (Debt Leverage) 3.5x Gross Debt/EBITDA से नीचे माना जा रहा है, जो कि मैनेजेबल है। Prabhudas Lilladher का अनुमान है कि कंपनी अगले 2-3 सालों में 32% EBITDA CAGR हासिल कर सकती है।
