JSW Energy ने अपने विस्तार के लिए कमर कस ली है। कंपनी FY27 में **₹22,000 करोड़** का बड़ा केपेक्स (Capex) करने जा रही है, जिसका लक्ष्य पोर्टफोलियो में **3 GW** नई क्षमता जोड़ना है।
बड़े विस्तार की तैयारी
JSW Energy तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर में 3 GW नई क्षमता जोड़ने का खाका तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के लिए ₹22,000 करोड़ का केपेक्स तय किया गया है, ताकि साल 2030 तक कुल 30 GW की क्षमता तक पहुंचा जा सके। कंपनी अप्रैल से अब तक 1.7 GW क्षमता जोड़ चुकी है, और अब उसकी नजर चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में अतिरिक्त 1.6 GW को कमिशन करने पर है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी का जलवा
कंपनी की मौजूदा परफॉर्मेंस काफी मजबूत है। दूसरी तिमाही में कंपनी के थर्मल पावर प्लांट्स का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 75% रहा, जो 67.8% के राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है। यही नहीं, विंड पावर प्रोजेक्ट्स में भी कंपनी ने 46% का प्रदर्शन किया, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 37% ही है। यह बेहतर मैनेजमेंट ही कंपनी को नई परियोजनाओं के लिए मजबूती प्रदान कर रहा है।
बैटरी स्टोरेज पर बड़ा फोकस
सिर्फ क्षमता ही नहीं, कंपनी एनर्जी स्टोरेज पर भी दांव लगा रही है। 300 MW के Maruti Clean Coal and Power के अधिग्रहण के बाद, अब कंपनी Salboni और KSK Mahanadi जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा, कंपनी FY27 में 1 GWh का बैटरी स्टोरेज और 26.4 GWh का पंप-स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में तैयार कर रही है, जो भविष्य में कंपनी को बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी देंगे।
रिस्क और निवेशकों के लिए ध्यान रखने वाली बातें
इतने बड़े विस्तार के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। पावर सेक्टर में समय पर कंस्ट्रक्शन पूरा करना और ग्रिड कनेक्टिविटी मिलना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ग्रिड की समस्या से पावर कर्टेलमेंट का खतरा रहता है। साथ ही, भारी कर्ज और कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस होने के कारण निवेशकों को कंपनी के डेट मैनेजमेंट पर भी नजर रखनी होगी।
वर्तमान में, यह स्टॉक ₹510 के आसपास ट्रेड कर रहा है और FY28 की अनुमानित कमाई के 17-18 गुना वैल्युएशन पर है। अब बाजार की नजरें इन नए प्रोजेक्ट्स की कमिशनिंग और मैनेजमेंट के निष्पादन (execution) पर टिकी हैं।
