JSW Cement Share: निवेशकों के लिए खुशखबरी! ₹153 करोड़ का दमदार मुनाफ़ा, ब्रोकरेज ने दिया ₹139 का टारगेट

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AuthorAditya Rao|Published at:
JSW Cement Share: निवेशकों के लिए खुशखबरी! ₹153 करोड़ का दमदार मुनाफ़ा, ब्रोकरेज ने दिया ₹139 का टारगेट

JSW Cement के निवेशकों के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **₹153.43 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **21.6%** बढ़कर **₹1,896.41 करोड़** पर पहुंच गया है।

मुनाफे में जबरदस्त उछाल, रेवेन्यू भी बढ़ा

JSW Cement ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹153.43 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) कमाया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को घाटा हुआ था। इसके अलावा, कंपनी के रेवेन्यू में भी 21.6% का शानदार इजाफा देखा गया और यह ₹1,896.41 करोड़ रहा। यह बढ़ोतरी कंपनी के सीमेंट बिजनेस में मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ के कारण हुई है।

मार्जिन पर दबाव, लागतों में बढ़ोतरी

हालांकि, कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद, प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन पर दबाव देखा गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 15.7% रह गया, जो पिछले साल 20.7% था। इस गिरावट की मुख्य वजह बिजली, ईंधन और मार्केटिंग की बढ़ती लागतें हैं। खासकर, राजस्थान के नागौर में नए प्लांट की शुरुआत के कारण ये खर्च बढ़ गए हैं। नागौर प्लांट जून 2026 तक 68% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन तक पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन शुरुआती दौर में इसके ऑपरेशनल और मार्केटिंग खर्चों ने बॉटम लाइन को प्रभावित किया है।

ब्रोकरेज की राय: 'Accumulate' रेटिंग, ₹139 का टारगेट

मार्केट एनालिस्ट्स, प्रभातदास लिलधर (Prabhudas Lilladher) ने JSW Cement के स्टॉक पर 'Accumulate' की रेटिंग बरकरार रखी है। उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹139 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी अच्छी है, लेकिन सीमेंट सेक्टर में मौजूदा चुनौतियां और इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी। उम्मीद है कि जैसे-जैसे नागौर प्लांट की क्षमता बढ़ेगी, मार्जिन पर दबाव कम होगा।

कर्ज और भविष्य की संभावनाएं

कंपनी पर कुल कर्ज (Net Debt) ₹3,856 करोड़ है, जिसका नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 2.95x है। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज का इस्तेमाल कर रही है। हालांकि, हाल ही में इंडिया रेटिंग्स ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को IND AA- (Stable) तक बढ़ाया है, जो कंपनी की क्रेडिट प्रोफाइल के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

आगे चलकर, निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी नागौर प्लांट के फुल ऑपरेशनल कैपेसिटी पर पहुंचने के बाद लागतों को कैसे मैनेज करती है। एनर्जी और फ्यूल की ऊंची कीमतें, साथ ही सीमेंट सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा, कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं। वॉल्यूम ग्रोथ बनाए रखते हुए खर्चों को नियंत्रित करना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.