JPMorgan की 'Overweight' राय
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस JPMorgan ने Meesho के शेयरों पर अपनी कवरेज की शुरुआत की है और इसे 'Overweight' की रेटिंग दी है। साथ ही, उन्होंने शेयर के लिए ₹215 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस ₹189.4 से करीब 13.5% की तेजी का संकेत देता है। JPMorgan की इस तेजी की उम्मीद कंपनी के Net Merchandise Value (NMV) में आने वाली जबरदस्त ग्रोथ पर आधारित है। उनका अनुमान है कि FY26 से FY31 के बीच NMV में 23% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, ब्रोकरेज का मानना है कि FY31 तक EBITDA मार्जिन सुधरकर 4% तक पहुंच सकता है, जो कि फिलहाल नेगेटिव है। इस सुधार के पीछे प्लेटफॉर्म का बढ़ता इस्तेमाल, रिटर्न रेट्स में कमी और Mall व Content Commerce जैसे नए सेगमेंट का योगदान माना जा रहा है। JPMorgan को उम्मीद है कि FY30 तक फ्री कैश फ्लो (FCF) NMV का 3.1% तक पहुंच जाएगा। हालांकि, फिलहाल ₹194.45 के आसपास ट्रेड कर रहे Meesho के शेयर का P/E रेश्यो अभी भी नेगेटिव (-0.01) है, जो नेट लॉस का संकेत दे रहा है। यह सवाल उठता है कि क्या Meesho बिना मार्जिन गिराए ग्रोथ हासिल कर पाएगी?
Competition का दबाव और बाजार के संकेत
भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट का साइज 2026 तक $225.9 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 15.89% की CAGR से ग्रोथ दिख रही है। ऐसे बड़े बाजार में Meesho का मुकाबला Flipkart और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियों से है, जिनका लॉजिस्टिक्स नेटवर्क काफी मजबूत है। Nykaa जैसी कंपनियां भी कुछ दबाव में हैं, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान मजबूत दिखा रही हैं। 30 अप्रैल, 2026 को बाजार में भी थोड़ी नरमी देखी गई, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते BSE Sensex लगभग 1.5% नीचे था। Quick Commerce और Social Commerce जैसे नए सेगमेंट बाजार को और भी खंडित कर रहे हैं, जिनसे Meesho को चतुराई से निपटना होगा।
वैल्यूएशन और Execution Risks पर विश्लेषकों की राय
JPMorgan का 35x FY30 EV/EBITDA मल्टीपल पर वैल्यूएशन थोड़ा महत्वाकांक्षी माना जा रहा है, खासकर Meesho के प्रॉफिटेबिलिटी के इतिहास को देखते हुए। हालांकि, FY28-31 के लिए 170% EBITDA CAGR और 52% FCF CAGR का अनुमान काफी आकर्षक है। यह ग्रोथ काफी हद तक एडवरटाइजिंग रेवेन्यू को बढ़ाने पर निर्भर करती है। JPMorgan के अनुसार, Meesho का एड टेक-रेट GMV का 1.8% है, जो ग्लोबल पीयर एवरेज 3.7% से काफी कम है। इस रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए सेलर पार्टिसिपेशन बढ़ाना होगा। Axis Capital ने भी 'Buy' रेटिंग और ₹195 का टारगेट दिया है, जो JPMorgan की तुलना में थोड़ा अधिक कंजरवेटिव है। CLSA का अनुमान है कि Meesho FY31 तक भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट का 10% हिस्सा हासिल कर लेगी, खासकर टियर 2 और छोटे शहरों से।
Profitability को लेकर चिंताएं
JPMorgan की बुलिश राय के बावजूद, Meesho के प्रॉफिटेबल बनने के रास्ते में कई बड़ी चिंताएं हैं। कंपनी का लो-कॉस्ट, हाई-वॉल्यूम मॉडल मार्जिन को दबाता है। FY26 के लिए ₹3,883.39 करोड़ का नेट लॉस और -264% का Return on Equity (ROE) चिंताजनक है। FY31 तक 4% EBITDA मार्जिन का अनुमान, मौजूदा नेगेटिव प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्यू-फोकस्ड पोजिशनिंग को देखते हुए महत्वाकांक्षी लगता है। हालांकि कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है, लेकिन ₹1,500 करोड़ का टैक्स डिमांड (FY23-24 के लिए) एक और वित्तीय अनिश्चितता पैदा करता है। एडवरटाइजिंग रेवेन्यू पर निर्भरता भी जोखिम भरी है। 2021 के बाद से फंड जुटाने में असमर्थता इस बात पर सवाल उठाती है कि कंपनी बिना शेयरधारकों को नुकसान पहुंचाए या भारी कर्ज लिए भविष्य की ग्रोथ को कैसे फंड करेगी।
Outlook: ग्रोथ और Profitability का संतुलन
तेजी से बढ़ते भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में Meesho की ग्रोथ की संभावनाएं दमदार हैं। टियर 2+ शहरों में यूजर एक्विजिशन की काफी गुंजाइश है और इसका एसेट-लाइट मॉडल मजबूत है। हालांकि, कंसिस्टेंट प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता मुश्किल है। कड़ा मुकाबला, मार्जिन सुधार के साथ आक्रामक विस्तार को संतुलित करना, और एडवरटाइजिंग जैसे नए मोनेटाइजेशन चैनल को बढ़ाने में Execution Risks महत्वपूर्ण होंगे। JPMorgan को वैल्यू क्रिएशन का रास्ता साफ दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को Meesho के लगातार नुकसान और बाजार की मौजूदा सतर्कता को भी ध्यान में रखना होगा।
